कस्

कस्
कस् /kas/ (P. pr. /kasati/—I; fut. /kasiṣyati/; pf. /cakāsa/; aor. /akāsīt/, /akasīt/)
1) идти; двигаться
2) сверкать, сиять




Случайная выборка слов

धर्मिन्, व्रतपा, बाध्, विद्वत्तम, कलस, दायक, वृत्, नारक, क्रूरता, आचार्यत्व, हस्तिनापुर, सरुप, त्वरित, यति, बस्ति, प्रवन्द्, प्रवासन, वैस्पष्ठ्य, नवयौवन, दीर्घश्रुत्, निरस्त्र, असद्ग्रह, गृहि, बर्हिःष्ठ, प्रतियोद्धर्, गोषन्, षोडशम, कटकरण, स्वस्त्ययन, उच्चय, तीर्त्ह्य, संमाननीय, विधूसर, ऋते, शल्लक, कांस्य, उपालप्, सिंहाय, अतिप्रयुक्त, विसर्जित, पादान्तर, अज्ञात, वितन्, हितकाम, पुरुषर्षभ, दन्तप्रक्षालन, क्वाण, संध्या, पिश्, कृष्णा, पाथस्, क्षीरसागर, सवन, दरिद्र, उपचार, मण्डितर्, सामन्त, अन्यतर, सुप्राप, शान्तरजस्, श्वोवस्यस, ह्लादुक, कठ्, जनराजन्, उपशुभ्, कोपन, मनुस्, मार्कट, बम्भराली, कूलंकषा, ऊह्, सुखिन्, शाखामृग, हस्तिन्, दर्, समागम्, अविश्राम, सूच्, अवचय, संगीत, द्यूतसमाज, वैवाहिक, वान, अरित्र, परिणी, स्त्रीजननी, प्रेङ्खा, मृगेभ, नंश, सर्वाङ्ग, पेशन, परिच्छेद, केलित, सुकृत, अजुष्ट, चिन्ता, आस्तीक, प्रपञ्चक, तृतीया, दृष्टिगोचर, रजनिकर, आगस्, परिजात, संप्रधारणा, उत्पात, वैवश्य, चन्द्रवन्त्, दशकंधर, प्रमाथिन्, वित्रास, निकार, आरोप, हस्तिदन्तक, कन्दल, रुरुदिषा, विभजनीय, पारिकुट, समित्पाणि, परिपूरक, सहज, वसुविद्, सीमावाद, द्यावा, सुगु, ऐन्द्री, विवर्ण, द्योत, वध्रि, अदूर, धारावर्ष, गह्, व्याज, सनत्न, सब्रह्मचारिन्, मूढदृष्टि, सुगात्री, तानूनप्त्र, संख्य, पटिका, परावसथशायिन्, ब्रह्मर्षि, नाव°, वसुधेय, पलाल, ध्रु, संपारण, प्रचर्या, परिस्रज्, चञ्चुता, केन्द्र, निष्फल, द्वादशन्, घर्मांशु, महिन, नृति, भूर्यक्ष, सावेश्य, °मुखीय, और्वशेय, परिमोक्ष, निष्पद, शोभा, विमन्, वार्द्धक, परा, त्रिमूर्धन्, परिचारक, विमोक्तर्, चिरकाल, विप्लव, वीति, शतशस्, लोच्, धर्मन्, यशोदा, चतुरक्ष, वरीयंस्, नी, प्लाव, एकाङ्ग, कासवन्त्, वलीमन्त्, पाटलिमन्, प्रतिध्वान, हयवाहन, वाशीमन्त्, राजी, विकाशिन्, रहःस्थ, तादर्थ्य, महापातक, महावीरचरित, पुरोगा, वेदि, प्रतुद्, दहन, अन्तेवासिन्, चित्रफलक, तुषार, हरितोपल, प्रदाय, भिक्षा, युवाम्, साध्, गोनसा, हत्नु, जयन्त




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


мастер на час минск, литовский словарь