स्रष्तर्, स्रष्तार

स्रष्तर्, स्रष्तार
स्रष्तर्, स्रष्तार /sraṣtar, sraṣtāra/ m. творец, создатель




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प्रत्य्पन्नमतित्व, शोभनीय, अन्वित, विन्ध्यवन, क्षीनायुस्, परिशुष्, सुभृश, अन्तर्धि, एतावन्त्, नाडीका, शासनवाहक, कर्मुकिन्, क्लान्त, अविद्य, आवसथ, प्रभामय, संकूज्, नित्य, संदिग्ध, वल्लरि, मलग, सहिष्णुता, उल्लम्बित, हिमक्ष्माधर, निर्यत्, वृक्षौकस्, पुष्पवन्त्, बालचन्द्र, नीडक, परिगम्, दक्षस्, मधुपवन, प्राणनान्त, खड्गधर, आतम्, विस्मि, कपि, पौरुष, निष्पेष, ब्रह्म°, व्रश्चन, पट्टक, मगध, आरम्, अलिकुल, कृष्णत्व, संवत्, धूप, ललाटक, कदर्य, उपलिह्, वधूवर, संप्रतापन, संध्याबलि, वृषाङ्क, संनिपात्य, तनूपा, अशनानशन, त्वदीय, निःसंशय, इषुध्या, साभिलाष, सूपकार, मील्, प्रबन्ध, वचनोपन्यास, आज्ञापय्, भद्रतस्, कष्ट, दुःस्वप्नदर्शन, सनिति, स्मय, पादाग्र, गीतवादन, भाम, दूरभाव, विनिपात, सोम्य, प्रत्यवरोहिन्, यज्ञकर्मन्, चाय्, लभन, सासुसू, मेद, अपधाव्, अभिभाषिन्, यज्ञभाग, पटीर, संमिश्र, विलुभ्, नामय्, अवसादन, घोषवन्त्, तक्व, दुराक्रन्द, त्रिदश, तारकाक्ष, उपजीव्, निर्मांस, क्षमत्व, उष्ण, मेदस्, दैत्यहन्तर्, संहत, संभूयसमुत्थान, ऋभु, जीर्णि, घस्मर, समचित्त, आगन्तुक, उत्क्षेप, द्वैपायन, हरिवंश, जाग्रत्, डाल, समनुगम्, श्वाजिन, अस्वास्त्ह्य, कृष्णनयन, धूपक, प्रत्यहूय, ओदन, चिन्त्य, विप्रकर्, ध्वजिन्, ते, वरिमन्, तमस्, विपुलता, निर्यत्न, दया, संमित, सुरस, मुद्, प्रसन्न, शाकपूणि, हरिक, विमार्ग, स्थानपति, परिश्रुत, संबन्धिता, अतिदिश्, सतोमहन्त्, विद्विष्, युयुत्सु, व्यतिरिच्, राजमन्दिर, छन्दोमय, सर्वजन्मन्, वाम्य, द्वात्रिंशल्लक्षणोपेत, संनिवस्, कथयितव्य, प्रतिज्ञापरिपालन, निरि, उन्मनस्क, क्षेत्रविद्, संवर्त्, कोष्ण, स्तावक, कृष्णायस्, क्रन्दनध्वनि, कौङ्कुमी, कुलान्तकरण, व्यतिकर, ताराक्ष, सुहस्त, विद्वेष्य, कान्तिप्रद, हिंस्, घास, लुप्, अवभास, ब्रह्मभाव, नरपति, उलप, परिश्रम्, सवनीय, नगोदर, प्रमुद्, रुशद्गु, प्रतिग्रह, निगड, संतुष्, शद्, वर्णन, पाणिनि, भविष्यद्वाचिन्, संप्लु, अकरुण, वीतराग, वाहक, पार्वती, प्रज्ञ, अदर्शनीय, नर्कुटक, मित्रवत्सल, पादधावन, उपनिपत, देववीति, त्रस, वेषान्यत्व, निर्हेति, वठर, क्षार, वेतसवृत्ति, शाल
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