हरशेखरा

हरशेखरा
हरशेखरा /hara-śekharā/ f. Гребень Шивы — одно из назв. Ганги




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तयोस्, संबन्धु, महापुर, अपचित, पूर्व-पेय, अतिचिरम्, मूलसाधन, शिक्षा, निकर्तव्य, चिकित्, स्वल्पक, दत्त्वा, दुष्ट, धीर्य, आलापिन्, °रज्जुक, गुर्जर, वितथ, तन्यतु, सोमवन्त्, गृत्समद, अभिभाष्, त्रिविध, विनष्ट, प्लाक्ष, रस्, कृत्रिम, द्विपायिन्, कूटागार, वप्तर्, मौक्तिक, क्रौड, एकरूप, सुराप, दिक्पति, उशिज्, महामत्य, तोयराज्, अर्धपीत, सुदुष्ट, नवम, सरङ्ग, प्रश्लिष्ट, तोयज, अपवर्ज्, पूर्त, नेमि, रूक्ष, अपबाध्, उष्ट्र, आकारता, द्विप, नोदन, विधुरता, श्रद्धावन्त्, खस, लोमहर्ष, अधिकारिन्, पार्श्वगत, चोद, श्वैत्र्य, प्रमा, निर्घण्टुक, प्रशम, निपीड्, वनोद्भव, परोक्षा, स्पश्, भवदीय, चक्षुष्पथ, विद्यावन्त्, रमणी, बाहुमात्र, विवृक्त, बाहुपाश, प्रज्वालन, पार्वण, हयशिरस्, माणवक, मञ्च, नाविन्, हेषस्, उष्णग, समासिच्, पश्चिम, अवलिप्, संप्रयम्, पपृक्षेण्य, परुषित, आयुध, तारामय, हिरण्यपुर, चित्रशाला, समानोपमा, ओजिष्ठ, धन्विन्, आग्निकी, अग्रेगा, सुशरण, त्रिभुवनगुरु, अनन्य, शुष्कत्व, चतुर्विंश, , धर्मशासन, दासता, नागबल, अनुविधा, मनश्चिन्ता, पुनर्लेखन, ऊर्ध्वकर्ण, योक्तर्, स्त्रीधर्म, दुर्लभक, शकृत्, उपनिपत, त्रिपद्य, इरावन्त्, प्रदर्शय्, उदीर्य, प्रतिषेधक, जेमन, गजपुर, द्वैमास्य, तन्त्री, कोसला, दस्मन्त्, चरु, सूर्य, पालय्, सानुराग, भार्यावन्त्, ब्राह्मणभोजन, नैर्लज्ज्य, अदुष्ट, साधारण, देशक, विकर्मन्, शरासन, दम, दूरतस्, ह्रसिष्ठ, प्रविद्, घर्मजल, वान, नाग, चित्, री, बिल, सुम्नावन्, विद्, स्फुर्, विगम्, अशिक्षित, वेदफल, विस्मयनीय, दातर्, कन्, सावशेष, निदाघकर, क्षेम्य, निरायास, वर्णिन्, समापन, प्राखर्य, निरपेक्ष, बालिशता, प्रविमुच्, धर्मतस्, ऊर्णामय, अज, राजशेखर, अतृप्णुवन्त्, निश्, सिंहशिशु, दुर्वार, ईर्ष्यावन्त्, सप्तवर्ष, कार्मण, तिग्मकर, मरुत्सहाय, प्रातःसवन, परिस्तोम, भाषिक, नैष्कर्म्य, महार्ह, हंसपद, पारिपात्र, त्वादृश, श्रण्, त्रिपिष्टप, नीरजस्, दिक्° , दिक्क°, सुश्रीक, नीलाभ, अम्बुनिधि, पारयिष्णु, प्रणीता, ह्रदिन्, स्थग्, विमान, तृतीया, शुण्ठ, ओष, शार्ङ्गभृत्, चैल, उपकरणवन्त्




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