संविद्य

संविद्य
संविद्य /saṁvidya/ n. см. संविज्ञान 3)




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पवित्र, वनिक, सभाजन, व्यालमृग, भौम, दूथ्, मृगहन्, दृग्गोचर, नैकविकल्प, निराधि, वसन्तोत्सव, देवगृह, उपछद्, तपोभृत्, मारव, प्रगुणय, निहित, सुप्रीत, अरण्यवास, सब्रह्मचारिन्, सम्यक्त्व, गिरिवासिन्, संशुच्, तपश्चरण, पश्चात्कार, पुरश्चरण, व्युपरम, नवग्व, समनुगम्, अनुबोध, संरक्षक, संभज्, सवैलक्ष्य, सप्तवध्रि, कङ्कट, प्रतिकर्तव्य, ऊर्म्या, ईष्, वितति, अनसूया, आशावासस्, उपान्त, शंयु, प्रसेक, ब्राह्मण्य, शरावर, वातापि, क्रूरता, सालक्तक, कुशलिन्, मध्यमपदलोप, मर्श्, क्षत्रधर्मन, नीलपट, श्रमजल, सुनीत, चित्र, रहस्य, चीति, ब्रह्मता, विक्रेतर्, पुष्कलावत, कापाल, घृतनिर्णिज्, रसमय, वोढा, राजलोक, परिषोडश, विवस्, परिपश्, सजाल, वर्त्मन्, वि°, अनुमा, विवृत्ताङ्ग, सीरा, असांनिध्य, दण्डचक्र, तुविजात, गोत्ररिक्थ, गतपूर्व, चेटक, सर्वदर्शिन्, सूच्, हर्यश्वचाप, एला, भैम, हि, भट, वसुधेय, सत्यवचन, अन्वीक्ष्, मान्थर्य, पौष्टिक, प्रशंसन, देवासुर, दत्त्रिम, पौष्कर, जीवनस्या, परिव्राज्, अङ्गुलि, बैजिक, रक्ष, सहवत्स, निकृष्ट, सक्रुध्, आपीड, निर्लिख्, कश्मला, संरक्ष्, उदार, अन्यत्व, सनियम, समदन, तुहिन, पिङ्गल, रङ्ग, °ष्ठीवि, रजनीमुख, विद्वंस्, अनिच्छन्त्, धुर्य, तेजोमय, शर्ववर्मन्, अग्रेपू, मृगराज्, परेद्यवि, दधिमण्ड, शिखामणि, खिल्य, सयुज्, परिवर्, चतुर्थ, सुहन, यक्षु, दासता, प्रभु, घोष, जलाष, स्वापि, समदुःखसुख, आध्माता, विशोषण, श्वापद, मी, वशग, परिसंवत्सर, षड्गव, परिवर्धन, उपमान, कुस्त्री, इत्वर, धैर्य, अस्माद्, सध्रीचीन, लघुचेतस्, बर्ह, प्रबुध्, कक्कोल, उच्छ्वास, सर्वाङ्गीण, निर्व्यूढि, अन्तरिक्ष, दृष्टार्थ, वेन्, मूषिकशावक, दासीभाव, अभिगर्ज्, उपविश्, दुर्विभाव्य, तविष्या, नगौकस्, शतधा, आनह्, वामनपुराण, सोममद, तारक, होड्, गर्हणा, उन्मद्, तद्विध्य, कुवलयानन्द, निश्चि, हृल्लास, मृत्युबन्धु, कौल्य, ग्रैष्म, विधर्मिक, गव्यूति, नियम्, विनिर्भा, विधारिन्, निश्चक्षुस्, संधारणा, विनिश्वस्, प्रमोचन, विशेषतस्, ज्वालिन्, नैक, अतिपद्, वाम, बन्दिन्, विस्फूर्ज्, झर्झरी, दिविक्षय, संहा, षट्पद्
сборка мебели, литовский словарь




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