घृतप्रुष्

घृतप्रुष्
घृतप्रुष् /ghṛta-pruṣ/ сочащийся или окропляющий жиром




Случайная выборка слов

दीर्घत्व, फल्गुता, कटु, कल्याणाभिनिवेशिन्, निवृत्ति, असुस्थ, विशेषतस्, पक्षवन्त्, व्याघात, दिव्याकृति, लोकपति, विस्पर्धा, भ्राज्, चण्डीष्टोत्र, सुज्ञ, द्वादशन्, नैकविकल्प, हरिक, °विद्योतिन्, ब्रह्मन्, स्राम, दण्डबलव्यवहार, उक्षन्, दानिन्, सविकाश, महाघोर, सारस्वत, मृषावाच्, हुहू, वर्तनि, संप्रतिपत्ति, विकट, समित्ह, प्रस्रव, अन्तर्वंशिक, होमधेनु, परिशिष्ट, द्विरेफ, सुजन, हविर्वह्, निष्ठिन, मित्, मोहवन्त्, कुशूल, वीड्वङ्ग, सहस्रवलिश, भोगपति, पौत्री, शुक्लता, परिपूरक, सौरभ, दुरात्मता, भाल, दृशिमन्त्, देवेन्द्र, मार्गण, लोकवाद, सिरी, सपिण्डी, समुत्पद्, देवकन्यका, लतिका, अभिभाष्, वरूथिनी, विश्लिष्, पद्य, दण्डयात्रा, उपराग, विश्वजित्, श्रीमन्त्, नर्तित, गर्भ, रिङ्ख्, श्रेमन्, अर्चि, सकम्प, परिबन्ध्, महामणि, अर्चन, मणिहार, वाश्रा, वच्, अदाशु, विगाह, द्यावा-पृत्हिवी, जीवनहेतु, दिग्विभाग, प्रतियुद्ध, लिपिन्यास, यशोदा, पात्री, अलंकार, परिहर्तव्य, त्यागिन्, ईषिर, वञ्चय्, , विक्री, बिडालाक्ष, उदहार, निःसार, मूषिकशावक, अणु, तर्ष्यावन्त्, द्वयु, विलिख्, नर्दन, दूरोह, सुपर्याप्त, दक्षिणावन्त्, प्रच्छद्, चकोरव्रत, सकृत्, प्रभञ्जन, अपमर्श, शमि, मनोजात, तत्त्वाभियोग, व्यासेध, वेमन्, सप्तक, निर्दाह, सेध, दुर्विधि, कख्, पयस्य, अत्युपचार, भिक्षाभाण्ड, उरभ्र, अपर्तु, उत्पात, शुभ्रत्व, प्रक्षुभ्, जनान्तर, समुद्रवेला, कुजीविका, श्रवस्, निचेय, निधिनात्ह, नख, संलभ्, दोलारूढ, कृष्णवर्ण, विरहिन्, शिप्रिन्, शिव, दक्षपितर्, सन्न, सुवर्ण, अभिमुच्, अक्षनैपुण, खल्वाट, दृप्, जिग्यु, निष्ण, विशस्त्र, आमर्श, दिक्करिन्, समुपागम्, वृषमनस्, विमोहन, कूर्द, सुकृत्वन्, चारण, शूर्प, मादक, त्रिविष्टि, व्यलिक, अज्ञात, सानुताप, लम्ब, रन्धन, विरक्तिमन्त्, आभू, वर्चस्वन्त्, हैमन, सलोभ, प्रशम, खल, परिव्यय, शस्त, एनस्विन्, शनैस्, असिक्नी, अवयविरूपक, परिमन्द, पारदृश्वन्, सहव्रता, प्राछ्, उपद्रु, संपूजन, विस्फुर्, द्वैरत्ह, अन्यतर, द्रोण्य, शिवपुराण, तोकवती, धरित्री, संकुच्, जेमन, तृणप्राय, क्षितिप, विसर्जित, पदार्थ, कूटशासनकर्तर्, नक्त, लङ्का




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit