किंप्रभु

किंप्रभु
किंप्रभु /kiṁ-prabhu/ m. плохой господин




Случайная выборка слов

दुःख-कर, प्रदा, सनन्द, प्रश्लेष, पुरौष्णिह्, अन्वस्, होमीय, लक्ष्मीक, स्वर्गलोक, सपुलक, अनुहर्ष्, प्रतिवसति, दण्डदास, धर्मचारिणी, शश्, विह्वर्, साख्य, धि, धमन, पियाल, भुजमूल, अभिद्रुह्, यमल, शर्ववर्मन्, नृप, प्रविषय, ज्वलन, निराग, आब्दिक, अकिंचन, नमस्कर्तर्, प्राक्कर्मन्, °प्रशंसिन्, शयु, बर्हणावन्त्, हरिमन्, नीलपद्म, वाग्देवता, यथावस्तु, अनुकम्प्, सहस्, नानादेशीय, सेवक, कर्बुरा, पृक्ष्, उपक्षय, ब्रह्मर्षि, कर्णोत्पल, कौशल, अभ्यागा, विष्टम्भ्, वरार्ह, हैम, लोमहर्ष, स्वधन, धर्माधिकारणिक, सनता, चतुर्थांश, षडून, °घट्ट्, मोक्षभाव, गारुड, जनप्रवाद, नवविंशति, सिद्धियोग, नैकशस्, आपाटल, संसेवा, तिरो°, अनपेक्ष, सशर, नवविंश, प्रलम्भ, उपस्थ, अघ्न्य, व्यर्थता, निशादि, मूर्ण, परिभूति, विध्वंस्, °निश, सोमपति, नृचक्षस्, महापातक, अलक्तक, पर्यङ्किका, कृतज्ञ, संसार, मादन, नसंविद्, हंसावली, धूपाय, विभी, ब्रह्मयज्ञ, अनतिप्रकाशक, नेद्, शकुन्त, उद्भिज्ज, प्रचय, संश्रित, रस, धातुघोषा, अनिश्चय, प्रतिवेशिन्, परिशुष्क, तद्वृत्ति, निष्काम, निर्मोक, स्थलज, प्रतियोधन, धर्मात्मन्, स्थविष्ठ, नवविंशतितम, भेदकर, दिक्चक्रवाल, त्वायन्त्, मूर्ति, निगडय, केलित, पृथुलौजस्, शकुनज्ञ, अती, पुस्तक, दक्षिणावर्त, अपदान, श्वशुर्य, अवदावद, रत्नवन्त्, धर्माधिकृत, रात, समभिधा, यथातत्त्व, महायज्ञ, आर्यागीति, वर्षारात्रि, होमतुरंग, कुड्मल, आरव, नारद, निशाहस, °आत्म, पर्यन्त, नीरक्त, सव्याज, पावन, परावसथशायिन्, लेखपत्र, सुरपुर, सपक्ष, अभ्याभू, महासेन, गीतक्षम, आस्था, औषसी, सुगत, जालपाद, उपसिच्, दुर्गाध, °विद्, पीन, दशविध, भयानक, दीर्घबाहु, छत्त्र, असहन, ब्रह्मद, गुरुकुल, प्रध्यान, फलागम, लास्य, स्वार, नदनु, दिव्, सूना, शुल्क, संवर्णन, पुङ्ख, °दंसु, विग्रह्, वस्तुरचना, तत्कर्मकारिन्, निरायम्, नष्टचेष्ट, संप्लावय्, भृश, विहिति, आशंसा, हरितच्छद, मृष्ट, अपकृष्ट, , रक्तता, संप्रस्था, जिह्मता, भृत्यत्व, एकविध, सुनासिक, यदु, विमर्श, दाहिन्, अभिमर्, प्रश्निन्, विधर्तर्, परिहृति, निर्हृति, अजय्य, लघीयंस्
шведско-русский словарь, грузинский словарь, сборка мебели в Москве




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit