परिभ्रंश्

परिभ्रंश्
परिभ्रंश् /paribhraṁś/ (формы см. भ्रंश् )
1) исчезать
2) выпадать
3) освобождаться от
4) мешать что-л. (Abl. )




Случайная выборка слов

तर्ज्, देवव्रत, असज्जन, व्यापाद, दर्वी, अजामि, कुसूल, कतिपय, समुन्मिष्, कन्यात्व, हयोत्तम, झष, परिसंख्यान, प्रतिकूलिक, लुल्, द्रविणाधिपति, आनन्द, नृपानुचर, समुत्पत्, प्रावारिक, अल्पज्ञत्व, भर्त्सना, परिवेषक, पाठ, ऋतुशस्, प्रयत्, मृद्वीका, सुषिर, विधुरत्व, ज्ञात्र, शीतकर, आज्ञाभङ्गकारिन्, -कृत्, लिट्, लतामण्डप, कानन, अनुवादिन्, रुज्, उपजीवन, कोपिन्, आनुपूर्व्य, त्रिषष्ति, धैर्य, नृपसुत, अरजस्, द्यूतसदन, नयकोविद, अप्सस्, निधान, छन्दोविचिति, स्तुका, घण्टाराव, प्रियव्रत, साविनी, अनुकूलकारिन्, उपकण्ठ, कन्दल, अनुविली, नवपद्, सरल, इन्द्रायुध, दुः°, विरावण, निर्हेतु, त्वेष, अतिपिनद्ध, रुशन्त्, इत्यर्थम्, आकल्पान्तम्, हिमाम्भस्, चामीकरमय, यहू, अवशग, स्वादु, मतिहीन, खट्, सेवाधर्म, निष्ठिन, रौम्य, उपाय, वसुधा, खानि, द्रव्यवन्त्, खलति, निपातिन्, जीवल, यौवनवन्त्, बाह्य, बोधि, विक्रय, यथाक्रम°, म्रदिष्ठ, यथाप्राणम्, अनुकाम, ब्रह्मदत्त, इन्दुमुख, षोडशधा, द्विक, भैरव, शान्त, जम्बुक, समवृत्त, निपात, विवर्, परिमुच्, न्यून, जिजीविषु, मधुकृत्, आस्था, जरा, प्रदाय, विशारद, वाहिन्, संहर्, संहति, दण्डिका, संयुज्, निर्वम्, और्वशेय, प्रह्लादन, सैसक, विनेत्र, दाह, उत्कलिक, अनाकर्णित, द्रनाधिप, हरेणु, आरोप, सुधारा, प्रान्, अद्भुतोपम, निवापक, मन्त्रविद्, भामित, सामग, विलासवती, दिग्देश, अभिकाम, उत्ताल, पुत्र, शपथ, धनू, अन्नपक्ति, तत्सख, निविश्, लुण्डी कर्, चक्षुष्य, शलभ, अभ्यवनी, ऋण, अभिव्याहर्, निवर्, द्रोघ, उदारता, अस्वतन्त्र, मिताशन, दन्तधाव, विमर्दक, कुलान्वित, जीवदायक, द्रोहभाव, संसिव्, संसर्ज्, चरित्र, कुलिशधर, विशेष, दूत्या, रोगार्त, आलभ्, पञ्चविध, देवराज्, पताकिन्, निर्वाद, ईष्, प्रज्वलन, शुक-सप्तति, बकार, पेडा, अस्थूल, पह्नव, दर्पित, मीढ, दुर्ग, नर्द्, प्रनृत्त, आपद्गत, ली, हेमवन्त्, सुपङ्क, स्थूल-शरीर, नवम, अवपश्, परमात्मन्, शाणोपल, स्पृश्य, मात्सर्य, अभिविमर्ज्, रमति, दुर्विगाह, दावाग्नि, मानस, परिज्ञानिन्, लिप्सा, दक्षिणपूर्व, अपराद्धि, हरिवन्त्, प्रतिपण




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


сборка мебели, литовский словарь