दोषाय

दोषाय
दोषाय /doṣāya/ (den. от दोष )
1) являться ошибкой
2) казаться недостатком




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ब्रह्मसव, हेतुशास्त्र, अपत्य, धनुर्भृत्, युगान्त, ढोल, मानापमान, विकाश, ऊधस्, अगर्हित, अर्चय्, भूरिवार, प्रलम्बिन्, परावम्, सेध, त्रिरात्र, आदि, विचक्षुस्, परिनिष्ठा, अपभर्तर्, कीदृश, अनघ, क्षा, अलोभ, उत्तार, तिरोऽह्न्य, निर्जि, स्तेन्, सहस्रसनि, नियोगिन्, उद्यम, शतसंख्य, सद्योजात, व्यतिरेक, जहु, बालि, स्वगत, वीणा, चित्रन्यस्त, वेपन, शूल्यमांस, परिणाहवन्त्, सुहव, निष्पाप, विदर्भ, कस्तूरी, मौनव्रत, मच्, पथ्, वशी कर्, सकष्टम्, जम्भकविद्या, द्वादशाह, घृतनिर्णिज, शतपथ, शयन, भूप, शीतली भू, मर्मन्, क्षति, तदून, विमार्ग, सर्जरस, सुहन, प्रतिहस्त, अक्षर, सौष्ठव, ज्येष्ठतरिका, हरिश्मश्रु, उत्तप्, रक्तचन्दन, महाभूत, अनेकशस्, ज्रि, सुप्रणीति, सर्वव्यापद्, रक्ष, शङ्क्, श्रावण, पदपाठ, दौरात्म्य, पुष्पवन्त्, आवेग, पाचक, निशाधीश, परिसाधान, स्वर्दृच्, सचिव, सहासन, तरुस्, समीक्ष्, °निश, निकुम्भ, पम्पा, समुद्वह्, ह्रद, पश्चार्ध, दिर्घमुख, कामग, अधश्चरणावपात, प्रस्रंस, धाव, द्वार, संमातर्, खिल, व्यापादन, सापत्न, मुरारि, रेखा, संनिहित, सांधिविग्रहिक, राजर्षि, एत, संसृष्ट, मार्जन, पटह, हेषस्वन्त्, उद्घोष, सुकृत, परिहृति, सं°, पकार, हरिद्वार, निर्भुज्, बृहद्भानु, छुबुक, सुमित्रा, नीलपद्म, प्रत्यृतु, त्यज्, प्रत्युपस्था, दण्डनीति, विसर्जित, व्रतति, विपान्डु, शिलापट्ट, चूषण, दिवसकर, ओघ, अधिराज्य, प्रलयदहन, मदिन्, पञ्चमुख, जनितर्, रक्तमोक्ष, कूजित, नैर्धन्य, राज्ञी, पिण्डगोचरिक, ग्राम, विवचन, जीर्ण, वञ्चक, वनान्तर, अभिवच्, द्रष्टर्, ईप्सा, उपब्द, शृङ्गार, सुरापाण, कृतघ्न, पोतप्लव, रघुष्यद्, प्रत्यक्, समह, उड्डमर, सवीर्य, निशुम्भन, गोशीर्ष, इध्म, समुपह्वा, नमस्य, कदर्यता, खट्वातल, अभिप्रमद्, पयस्य, अनुभुज्, सनिष्ठ, अवसेक, पच्, मकरालय, दुःखवेग, भर्गस्वन्त्, णि, पार्श्वानुचर, तिरो°, षष्टि, पार्वत, पृथुक, कुमारिलभट्ट, °वेधिन्, लोकविद्, नक्तचारिन्, दुर्मर्षण, दीर्घता, निर्वृष्ट, उटज, संवर्णन, विदुर, सुतीय, समभूमि, प्रवर, द्वेषस्थ, उपवेष्ट्, तुन्द, शाम्बरिक, आत्मस्तव
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