संग्रा

संग्रा
संग्रा /saṅgrah/ (формы см. ग्रह् )
1) получать, добывать
2) собирать
3) запасать
4) принимать (лекарство)




Случайная выборка слов

मुषित, सितातपवारण, कृ, विप्रतिषेध, अमरगुरु, कुम्भिल, प्रमद्वर, युद्धशालिन्, प्राथम्य, दन्तमूल, अभिलङ्घय्, स्तोत्रिय, परासु, प्रतीघात, पृथुपाणि, रुच, विस्फार, प्रायुध्, परीणाम, इषुमन्त्, संयुग, मेद, वेद्या, निह्वा, भयावह, उपालम्भन, नरेन्द्र, विप्रथ्, अभित्यक्त, प्रस्वन, अपार्थ, आगा, परिसरण, सददि, दृक्पात, गोपा, वेदयितर्, यातर्, प्रहास, ह्यस्तनी, बिन्दुकित, स्वर्गलोक, परिम्ला, सुदानु, त्रिदश, हस्तिन्, औपधिक, सश्वास, उरूची, यक्ष्मन्, भान, अस्थिर, मिताहार, नम्रता, °लाभिन्, रजःशय, प्रतिपूरण, अष्टरसाश्रय, चाटु, ऋतावन्, एवंविध, संनस्, पिडका, उपपादय्, भेषजता, इन्द्रवन्त्, सभार्य, वसन्तबन्धु, खण्डन, इरस्या, दक्षिणत्रा, विभानु, यातर्, मध्येसमुद्रम्, °लुञ्चक, दूथ्, तालव्य, साधनत्व, अर्णस्, स्पर्धा, सर्वज्ञानमय, अविद्या, भ्रमर, प्रतिबुद्धि, धर्मकोश, योक्त्र, सुषिरता, अविचल, सारणा, सुज्ञ, जरठ, रयिवन्त्, मार्डीक, शराव, हर्य्°, दशरूपक, द्रुत, सर्वाधिकारिन्, तीक्ष्ण, आजीवन, भवसागर, क्रमायात, अवली, निर्याच्, प्रत्यरि, विरावण, वनिष्ठ, ज्या, सहस्रदा, नीलवसन, परिदेवित, सलावृकी, देवता, समुद्धू, संशम, जानुका, निर्ऋथ, बहुवीर्य, शाकपूणि, प्रतिपाद्य, आभास, अम्बर, अपाय, वरिवोधा, उद्वह्, दूरपातिन्, नह्, वर्ध्मन्, सल्लोक, आप्री, कुलपांसनी, पाण्दुलोह, प्रयुत, बृहन्मध्य, नाट्याचार्य, संवाहक, स्त्रीपुंस, देवयु, नूपुर, प्रधानता, प्रवा, निर्मातर्, सनत्, घटक, रामायण, लेलिह, गगण, दीप्ताक्ष, अवस्, दस्युहन्, पदपद्धति, मय, तृणप्राय, प्राग्वत्, पङ्किन्, सुत्रामन्, ज्येष्ठतरा, प्रवर्लिन्, अत्तर्, गिरिप्रस्थ, शशधर, तरु, नवम, सर्वसत्य, मुक्ता, °अन्तर, महार्घ, विवेकित्व, शिलाचय, फलसाधन, सौबल, प्रसू, बलहीन, श्रुतशील, संदंश्, दुष्टात्मन्, परिवर्तनीय, अभिताप, सजोष, वीतभय, दुर्निवार्य, प्रत्यादिश्, अशुद्ध, पयस्, तीर्ण, नियोग्य, मृध्, पणबन्धन, भ्राजिष्ठ, अमाजुर्, कविराज, भ्री, सोमाहुति, अनुज्ञापय्, प्रीतात्मन्, अर्चन, भाववन्त्, प्रलवन, हेतुविद्या, क्षुभ्, छेद, पुर, हविर्दा, संचक्ष्, वीरासन, अविरत, सत्यकाम




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


мастер на час минск, литовский словарь