अनर्घ

अनर्घ
अनर्घ /anargha/
1. бесценный
2. m.
1) чрезмерная цена
2) nom. pr. эпитет Шивы; см. शिव 2 1)




Случайная выборка слов

नराश, पराचीन, सप्तगु, अस्मृति, घृणि, वञ्चन, अमराचार्य, दशग्विन्, मित्र, एवंभूत, दूरपातिन्, पूर्वलक्षण, सुवदना, स्विद्, परावसथशायिन्, पादरजस्, वेद, जीवितेशा, सत्कर्तर्, कृतहस्त, नैषध, ऊर्ध्व, घ्राण, कुरुपाण्डव, लङ्घ्, प्राक्, नैष्किंचन्य, अध्यागम्, मरीमृश, सूर्यबिम्ब, धृतधनुस्, समास्था, सेवा, कदर्थना, दुर्वृत्ति, अवछद्, दुश्छिद्, समशील, प्रतिभा, सुबल, अकृतपूर्व, वग्वनु, संस्थ, दवाग्नि, प्रश्नविवाद, केवर्त, कार्मिक, कनीन, निर्मातर्, कूलंकष, दिक्पति, पुंस्, दिवसकृत्, तारामय, प्रकर्मन्, वानरी, निग्रन्थन, परोपकार, प्रमिति, प्रतिभर्, प्रसादी कर्, कुकाव्य, भट्टाचार्य, काय, मिथिला, महाप्रभाव, तरस्, समीपता, परेद्यवि, लुब्ध, अदयम्, वम्रक, पुरुशुश्रूषा, सदीनम्, पथ्य, अतिवर्ध्, निर्गुणता, तरंग, वपन, हर्ष, हैमवती, मेधिर, द्विगु, दाला, जिगत्नु, पुण्यत्व, सुदिनत्व, सुषखि, रिङ्ग्, प्रमुद्, क्षुध्, नखरायुध, वराह, सौनिक, सुधामय, विनत, तेजस्, तपोवन्त्, ज्यैष्ठ, बलद, एकदा, आदर, भीमल, अगुणीभूत, द्वेष्टर्, दोःशालिन्, अश्वयुज्, निवसन, तैषी, प्रादक्षिण्य, मान्द्य, आयम्, उद्धू, जैह्म्य, अनीति, आमरणान्तिक, सोममद्, अभिरोचय्, दधृक्, क्षौरकरण, भक्तिनम्र, चैतन्य, विजृम्भन, प्रजावृद्धि, हरिदास, कुरूप, स्नात्व, वारकन्यका, निरवग्रह, शीक्, सारङ्ग, पुष्कल, वसुंधारा, शैघ्र, सूर्यातप, अद्मर, दीपावलि, प्रस्तावना, समाद्रु, प्रजादान, आह्वान, वाताश, निष्क्रयण, घस्मर, अरण्य, साबाध, दावानल, धर्मपथी, तावकीन, यूक, कवन्ध, स्त्रीसंभोग, निर्मूलय, विजृम्भ, नन्दन, सुदुःख, हंहो, वैराय, पञ्चक, तिन्तिड, शर्धस्, दुर्ललित, वठर, आस्था, आशौच, काहल, विजृम्भित, बर्हिःष्ठ, आयस्, दूथ्, भ्रशीयंस्, सुधाकर, पर्याण, ऊति, वियन्त्, अनुविधा, संबुद्धि, स्वादनीय, दुःखस्पर्श, अपरा, पुष्पवेणी, सुकथा, अभाग्य, जातिमन्त्, विनुद्, प्रतिभान, वितार, वंशधर, विशुष्क, विच्छेदन, मतकाशिनी, विप्रयुक्त, निरागस्, संदर्श्, पेशस्कारिन्, राजनय, श्रुतपूर्व, पुत्रकृत्य, चन्द्रबिम्ब, प्रलयघन, उदीरण, अंशुमन्त्, मृद्, सपरिषत्क, लुप्, दुर्धर्षता, पीनस




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


мастер на час минск, литовский словарь