सव्य

सव्य
सव्य /savya/
1.
1) левый
2) южный
2. m. левая рука или нога
3. n. священный шнур (надеваемый на левое плечо)




Случайная выборка слов

आयोगव, भस्त्रा, ज्योतिस्, वनिन्, द्रवर, विपुलता, पार्श्वस्थित, नौवाह, सूनृत, दस्युहन्, मधभाग, स्वःस्त्री, गोकर्ण, कर्मान्त, अतिविस्तर, परिचित, यजमान, नृषद्, शीतलत्व, उदश्रु, हय, आवि, अम्बर, आखु, संभर्, टांकारित, दक्षिणपश्चिम, शतशस्, भ्राजस्, अज, सश्रीकत्व, चत्वार्, अधर्ष्, उपाज्, राजपुत्रा, संवेदन, समस्, हरदग्धमूर्ति, निघस, प्रतिसंवद्, विरम्, वाचना, खाद्य, मन्त्राराधन, चैत्यवृक्ष, यज्ञवाहन, उदककर्मन्, गृहशुक, हृद्रोग, उल्ब, नर्तनशाला, अच्छ, पुराकथा, प्रतिघातिन्, ब्रह्मयुज्, त्रिविद्या, प्रणीत, शन्तनु, अवगुह्, नारी, दुर्मर, भैक्ष, घृत, गर, तावत्, अमर्ष, न्यूनत्व, रोमहर्ष, भारवन्त्, अकृतात्मन्, कर्त्, अर, पङ्केशय, चन्दनपङ्क, परोरजस्, जडात्मक, साध्, तोक, युष्मावन्त्, तावत्कालम्, शोचि, रघु, तावज्ज्योक्, वेत्रासन, पुरावृत्तकथा, दोषा, अभिसह्, सुराजीविन्, विखेद, कारक, सहित, दुच्छुना, मध्येसमुद्रम्, तच्चरित, त्रिसवन, बाष्पसालिल, अराति, सकर्ण, सुखाय, तट, अग्रपाद, युद्धभूमि, मधुमास, विगम्, दैन्य, कूज, अङ्गीकरण, वामनता, शशिप्रभ, कुशिक, मयोभु, उदारता, जलरुह्, विमूर्त, सबाधस्, समिति, लवणोद, मुच्, सामन्, कपिष्ठलसंहिता, बाह्यान्तर्, दुर्गाह्य, वनराजि, अधिष्ठातर्, विहस्त, व्रण्य, अन्न, चक्षन्, नीलवर्ण, आस्तीक, न्यग्भावन, अर्ज्, पक्षता, मुक्तागुण, सागरपर्यन्त, आगति, मघवत्त्व, धारावर्ष, वत्सर, निर्वाह, हरिदम्बर, अनुवस्, तोक्म, समुपचीय, रुद्रिय, युष्मदीय, एकदा, मैनाल, दय्, परिकर, यमक, शीतमरीचि, मदान्ध, शौरि, व्यय, स्वर्गत, सध्र्यञ्च्, गणन, पूतदक्ष, प्रवर्ष्, कामपूर, गौरी, क्षीरप, लुप्, साहित्य, धरणीश्वर, अतिष्ठा, तरूषस्, शरावर, विवर्धन, अजीत, समाहर, निरवयव, श्रमण, आवेदन, भवानी, अस्थूल, आस्फोट, छुर्, विजल्प्, दुर्वचस्, नीलाभ, गुरुगृह, प्राणवृत्ति, तात, नैरुक्त, द्विसप्तति, प्राशित, सदृष्टिक्षेपम्, हितकर, अम्बिका, कर्ष्, प्रश्लिष्ट, संख्येय, रद, मथितर्, प्रक्षालक, संभूय, नभस्वन्त्, किनाट, वञ्चयितर्, संभावित, अदूर, संमत, पञ्चपद, उपारण, निशामणि




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


мастер на час минск, литовский словарь