गुरुवृत्ति

गुरुवृत्ति
गुरुवृत्ति /guru-vṛtti/ f. (правильное) поведение по отношению к учителю




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°पथ, सपरिच्छद, दिग्वासस्, शुशुलूक, वसन, प्रभञ्जन, उत्तान, पात्रसद्, शर्कर, विषय, अशन्, मूलफल, नृकलेवर्, दुर्मन्त्र, विवासन, निकट, बाहुयोध, शृङ्खलादामन्, युगशरम्, क्षालन, त्रिदिव, लिख्, अपह, संमुखीन, अभिख्या, मेचक, अपाकर्, कर्त्तर्, रोधस्, भैषज्य, सारघ, तक्व, परिकत्हा, सजाल, मुग्धाक्षी, तरुस्, रुजावन्त्, प्रभा, विपक्षभाव, अरस, भूरिधायस्, गजेन्द्र, निःसू, पर्यावर्त, कृपा, ख्या, निर्गन्ध, नन्दिकुण्ड, आतिथेय, गार्ह्य, प्रत्यवरूढि, शुक्रवर्ण, त्रिनयन, वृत्तकाय, मारण, ईषा, स्वस्तिगा, कुसीद, व्यवसित, पूर्त, रे, चारक, ब्रह्मदेय, सुरभी, नोनुव, जटासुर, ऋतावरी, प्रकाशक, कुल, तितिक्षु, परितप्, आस्कन्दन, उचितत्व, गोरस, देहवन्त्, लहरी, निशरण, नियोद्धर्, पुलस्त्य, मन्थ्, अभिरक्ष्, हरिताश्व, पक्वता, अर्धपीत, सरणि, तारुण्य, पद्मगर्भ, त्रेतायुग, दण्डन, विघ्नकर्तर्, रक्ताशोक, वीतहव्य, इन्द्रवन्त्, नागज, वीतभी, हरिनेत्र, दैवत, अमति, सुगुप्त, वसन्तसमय, आमी, कर्पट, इतर, सुवर्णकर्तर्, तमस्, इत्थम्, सुषुप्सु, अङ्ग्, पुष्पक, सप्तगुण, प्राणथ, प्रहासिन्, त्र्यक्षन्, फेनवन्त्, ताम्रचूड, वितुष, पक्षिन्, पत्नीय, अष्टचत्वारिंशत्, किनाश, संस्कृति, अनावृत, निषेव्, उपनदय्, श्रद्धादेव, धरापुत्र, शतपुत्रता, बालचरित, अभिविपश्, अनीहित, पतंगम, प्रत्युपकार, आख्यातर्, शोधक, सामवेद, क्रीतक, प्रतिपक्ष, रोक, हौम्य, प्राणाधिप, प्रकाशिता, त्वादृश्, विहा, दीर्घबाहु, रोग, अनुसृत, स्थविमन्, षड्विध, शिल्पकारिका, स्वयंवर, विभ्रम, सितातपत्र, धातुवैरिन्, सुकुमारत्व, त्रपिष्ठ, वेश्मन्, निगृहीति, धनुष्काण्ड, धूमाक्ष, चित्, भ्रातर्, मित्रधेय, वक्षी, पाकागार, नृजित्, हन्त, वैदेश्य, वृत्तसंपन्न, पेश, नगरजन, पूर्वशैल, यवनिका, अनुपम, अवभञ्ज्, आबध, लिङ्ग, संचरन, उत्तम्भ्, सच्चिदानन्द, शृङ्गाय, युक्तार्थ, क्षण-दा, वार्त्त, हस्तिप, प्रती, परिशिष्, शशलक्षण, डिम, उत्तुल्, ल्+, वालुक, वानेय, तपोलुब्ध, सपङ्कज, सर्पवेद, सह्यता, निर्मोक्ष, झिल्लिका, चित्रवर्तिका, समावह, स्वप्नज्, उड्डीयन, तृणाशिन्, दुःस्थिति, शाखिन्, भर्ग, नव°




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