खड्गविद्या

खड्गविद्या
खड्गविद्या /khaḍga-vidyā/ f. искусство владения мечом




Случайная выборка слов

वृक्षादन, परिवृत्ति, राजवन्त्, धर्मराज, अवकल्पय्, स्व, परिकर्मिन्, दुः°, अवबाध्, अवबुध्, अवबन्ध्, स्वत्व, संप्रवृत्त, प्रदान, अवबोध, अघासुर, धार्य, सलोमन्, नभश्चरी, निवेद्य, दैवविद्, विकुण्ठ, निर्दलन, सचित्त, रङ्गमण्डप, पद्म, वैकुण्ठ, निर्णिक्त, °धान्यक, उपपद्, जलधि, भुक्ति, पुष्पासर, भाव्य, वज्रिन्, रूपण, परिस्वन्, वल्श, वीतचिन्त, उर°, विमोक्षण, अपमृग, अङ्घ्रि, संपरिश्रि, निवारक, वसुधारिणी, लक्षा, सुषोम, चमूप, शूर्पणखा, रिषण्यु, शून्य, परिया, महानाद, संस्वप्, पथिरक्षस्, रागिता, सुफल, समाधानरूपक, समुन्मर्ज्, राजसूनु, व्यालमृग, याम, ऋते, तूलिनी, निश्वस्, लहरि, वैस्वर्य, अवबोधय्, परस्मैपद, प्रकल्पय्, प्रजाध्यक्ष, समारोप, निबर्हण, प्रश्नविवाद, भद्रपाठ, व्रयस्, महानिश्, प्रमाथिन्, घटीयन्त्र, उपनयन, काय, सहधर्मचारिणी, छाया, समाम्नान, त्यागिन्, अतितपस्विन्, चूडा, अङ्गण, रात्रिमय, दम्भोलि, विधु, मलिम्लुच्, रुण्ड, परिपिञ्जर, जनित्व, आनुषक्, कल्हार, भावशून्य, प्रत्युक्ति, नरराज्य, घिण्ण्, गुदा, इन्द्रत्व, भानु, कच्, जीमूत, भर्त्सना, दारुण्य, शन्न, निष्ठुर, शाशक, तुलावन्त्, अनुक्रोश, ब्रह्मभवन, अनुप्रे, ह्रस्वता, जानुदघ्न, मृतपुरुषशरीर, सहस्रशिरस्, , धृष्टकेतु, नान्दीमुख, सान्त्वन, चीत्कार, नवीयंस्, भिक्षाटन, रत्नभूत, भ्रातृभार्या, दूतत्व, अन्नवन्त्, प्राप्य, सर्षपमात्र, क्षय, मित्रसंप्राप्ति, भूर्ज, कच्छ, शान्तरजस्, प्रशंसक, °वर्षिक, झिल्लिका, संमर्शन, महित, प्रधर्ष्, गव, कुम्भिन्, दम्भ, विपश्, वारिविहार, सुरुचिर, श्येनजीविन्, वैजयन्त, दीनचित्त, सु-हृद्, वृक्क, अचित्त, आदर्श, क्रयविक्रय, एकिका, गणनाथ, चित, अवलम्ब्, उपसंव्रज्, जालबन्ध, पक्वता, पूरक, स्पर्शत्व, आखेट, षिड्ग, आद्य, प्रतवस्, पक्षस्, वापी, पनितर्, रजत, मन्दभागिन्, द्रा, प्रणु, सृगाल, समीप, °देवत्य, हरिण, मल्ली, कर्तन, ध्वृ, विनयन, दुर्लभत्व, मुधा, भल्ली, सत्कार, रोह, कलविङ्क, परीक्सणा, भिक्षण, सगुण, देवच्छन्द, उदीरय्, एकाङ्ग, अभिघातिन्, आत्यन्तिक, विह्रुत्, त्रिरूप, प्राशितव्य, सुचक्षूस्, मत्तमयूर, गृहमेधिनी, दाम्भिक
сборка мебели, литовский словарь




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit