मिथ्याज्ञान

मिथ्याज्ञान
मिथ्याज्ञान /mithyā-jñāna/ n. неправильный взгляд, заблуждение




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लोकतस्, शार्वरी, महाघोर, प्ररुध्, शुभ्, प्रतिभर्, मध्य, वन्यवृत्ति, प्रायण, त्रयश्चत्वारिंशत्, निरोधन, चामीकरमय, चल, विपुष्प, असर्व, अवछन्न, मलपङ्क, परिनिर्लुठ्, विप्रथ्, प्रावीण्य, पूतिगन्ध, प्रजाकाम, प्रबुद्ध, कण्व, निराहार, उत्सिच्, तट, सायुध, सुनिर्वृत, स्वर्गस्थित, शिक्षावन्त्, नरेन्द्रता, शप्, सुधाकर, एकान्ततस्, चपलिता, निग्रन्थन, पाठिन्, अभ्यागम, महत्°, मषी, महाप्राज्ञ, पौरलोक, शताङ्ग, चमूपाल, समालिङ्गन, उत्तम्भय्, त्रिचक्षुस्, वचस्य, विसृत्वर, अलब्ध, विष्णुपत्नी, °लोभिन्, पण्ड, भङ्गुरावन्त्, संचोदित, मनोजव, अनुपच्, युग, ईर्ष्यु, फलक, पत्त्रय, जयाजय, ऊर्ज्, बाहुमूल, समिद्वन्त्, वर्षपात, चपला, उदहार, मुमुक्षा, अग्रेग, अवेक्षण, अरन्यवासिन्, वितरण, सुपूजित, उक्तपूर्व, दैवपरायण, निःसह, ब्रह्माञ्जलि, एकादशम, भाक्त, दम, तालजङ्घ, परिश्रम, °ज्ञ, प्रच्छादक, शाप, सपदि, मनोराज्य, सूर्, ग्रह्, रिष्, दूरस्थ, सुखार्त्ह, अस्थान, जायुक, सुभद्रा, शालापति, वृद्धि, आमावास्य, अह, संबन्धित्व, सयुग्वन्, महापङ्क, अस्कन्न, निर्वेदवन्त्, दूरविलम्बिन्, द्रुह्, माम, पूर्वाद्य, शतगुण, पापीय, प्रपाठ, अंशुकान्त, बोधि, नैक, सपुष्प, एतद्वश, ब्रह्मरक्षस्, प्रत्युपस्था, नृषद्वर, परिघ, नामकीर्तन, उपनिबन्ध, प्रत्येक, स्वपन, जलाञ्जलि, संकोचन, अभ्यवहरण, दिनक्षय, मनुजात, अभिनु, वटक, तादृग्गुण, मच्छ, तुरंग, जेतर्, मृ, रौप्य, मुकुल, पद्मसंभव, देवसद्, भूदेव, गोहत्या, तटाकिनी, वचनोपन्यास, अदर्शनीयत्व, चित्रशाला, उत्तरकाल, प्रच्यवन, उपोह्, नियोद्धर्, अपभू, शुद्धवेष, दाहुक, वेश्मन्, कण्ठभूषण, वामभज्, स्वपक्ष, रघु, चापल, उत्सारय्, राजभवन, समदन, विंश, वशगमन, विपट्, सरिन्, हिमांशु, अनुभू, अभ्यधिक, महारष्ट्री, प्रशंस्, स्वाहाकार, उरुव्यञ्च्, अंशु, मीनकेतु, शोभिका, एकता, ज्ञातिमन्त्, अन्यथाप्रथा, भक्तिवाद, मूर्छन, वार्द, जहका, अकृतात्मन्, प्रह्लादन, शक्तीवन्त्, एनम्, मस्तुलुङ्ग, प्रपथ, इन्द्रिय, सिन, स्फुण्टय्, चिन्त्, सत्त्व, शुक्ली भू, अपी, प्रशर्ध, रैवत, परिणतवयस्, शाद्वल, प्रतिकृत, महिलारोप्य, कादम्ब, पुष्पचाप, नेपथ्यगृह
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