देवनाथ

देवनाथ
देवनाथ /deva-nātha/ m. nom. pr. Владыка богов—эпитет Шивы; см. शिव 2 1)




Случайная выборка слов

दुर्गाध, इरावन्त्, अलंकार, उदन्यु, त्र्यधिष्ठान, नपुंस, सुदक्षिण, समिल्लता, तार्क्ष्य, हाव, सवितर्, हंसिका, आरक्षा, लब्ध, विपक्ष, भूयंस्, अपकारता, विहाय, संश्रि, पुष्पकाल, संश्रित, प्रकृति, प्रतिघातकृत्, जनन, अकस्मात्, संश्रवण, द्रुतविलम्बित, अनिर्वाण, स्पृष्टिका, अन्तर्हित, सेवन, स्वर्गिन्, पुराकल्प, भद्रकृत्, वाचिक, कलहकार, अव्यापार, नेयार्थ, संतोषण, संश्रु, दयिता, विक्लवता, निष्क्रयण, लुब्धत्व, जात्य, तुरण्य, मौर्य, प्रसादी कर्, व्यथा, धनीय, सत्रासह, सूनृत, विरज, सुवदना, वसन्त, हैमवतिक, शूद्रावेदिन्, झषकेतन, वरीयंस्, दुःशल, पुरस्, प्रतिभटता, स्वयंप्रभ, अंश, बहुतृष्ण, मतङ्ग, दर्शय्, सुपुष्पित, कुशीलव, स्वनवन्त्, विधर्म, पादनम्र, कृष्णवाल, संमातर्, तद्वृत्ति, उष्णग, अनागत, संपारण, एकादेश, अपारयन्त्, हेड, धृष्णुया, रत्नधेय, कर्वट, निरुक्ति, व्रीडा, आविष्, नृपालय, सहस्रद, दिविस्पृशन्त्, गालव, दृक्पथ, वेतालपञ्चविंशति, दुर्वचस्, भस्मशयिन्, कृधु, नलकूबर, आभाष्, समुद्गक, दुश्चारिन्, शठ्, आदिकर्तर्, निश्, प्रागल्भी, अत्र, सगर्व, लय, वञ्चक, सहन्तम, सनित्वन्, तेजोरूप, विसू, हाहाकृत, समर्थ, षोडशांश, रु, तक्व, सजित्वन्, संश्लिष्, दीर्घरोषता, राजलोक, नेदिष्ठ, पूर्वपुरुष, भिन्न, आश्लिष्, स्वराज्य, धूमय, राजता, दुःषम, महाभाष्य, गर्भग्रह, सैकतिन्, उद्वह्, बहुवर्ण, पुरस्तात्त्न, द्विज, विलम्ब, मान्त्रिक, उपेक्षण, अपहति, लोहितग्रीव, धूर्तक, प्रतिभाष्, मृद्वङ्ग, पारार्थ्य, नियत, दाह, लत्त्वार्थ, प्रतिवचस्, चतुर्विध, आतन्, परिबर्ह, छकार, न्यक्कार, राजधर्म, विभेद, भृमि, सारसन, चारितार्थ्य, अपतिका, रोमक, सुबहु, अभिमर्, विचित्त, प्रतीक, पल्वल, शंसन, स्थिरत्व, वेपथु, प्राहारिक, सांयुगीन, अतिप्रवृद्ध, देह, वैमनस्य, रणमुख, संचयन, उपाधा, निर्ग्रन्थ, मन्थितर्, नेत्र, झर्झरित, श्वठ्, संप्रदा, कुटि, आधम्य, उड्डीन, संधारण, समाक्रमण, सञ्जन, आप्तदक्षिण, ऊर्णा, निवर्तनीय, रजन, आमुष्मिक, क्व, तलव, सौहित्य, निष्ठिन, बर्ह्, विचर्, तरुगहन, सचित्त, तृणतन्तु, युष्माभिस्, विज्ञ, घटकर्पर, स्तुप




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


мастер на час минск, литовский словарь