मुह्

मुह्
मुह् /muh/ (P. pr. /muhyati/ — IV; fut. /mohiṣyati/, /mokṣyati/; pf. /mumoha/; aor. /amuhat/; pp. /mugdha/, /mūḍha/)
1) падать в обморок
2) ошибаться
3) быть дураком




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तत्संख्याक, मौक्तिक, विवदिषु, पन्न, हितोपदेश, उपज्ञा, ग्राभ, उपाय, रात्रिंदिव, कठोरता, रदच्छद, शिल, विमति, प्रपथ, दोह, अम्बा, तोयवन्त्, परिसिच्, लाभालाभ, शरीरास्थि, स्वाशु, अविशेषतस्, जीवितेश, लोह, लोकज्ञ, दारकर्मन्, वक्ति, , चौरिका, अज्ञान, मांसाद्, कथा, व्रण, मरीमृश, मैत्र, आच्छन्न, शुक्, सोच्छ्वास, पुरद्वार, परिस्रुत्, क्रीड्, तिलोदक, दुःखशील, प्रभात, चषक, कील्, सुधर्मन्, प्रतिवाच्, परकार्य, याज्य, बिन्दु, दारी, वयोऽतिग, प्रयुत, दुर्हित, कर्, पताकिन्, जलायुका, वशवर्तिन्, मीलन, उच्चैस्तम, धूप, महाबाहु, अष्टादशन्, स्वार, अन्यतर, पद्मज, विश्वेश्वर, भणित, बट्, स्थलज, शुक्तिज, अव, भट, महाश्रोत्रिय, धेय, स्त्रीवश, असौ, वर्षासमय, अगाग्र, अद्वेष्टृत्व, एकवीर, न्यक्कार, समानार्थत्व, क्षामि, मन्त्राराधन, माध्विक, बाल्य, धाराट, कालिदास, नैज, तादात्म्य, अजरन्त्, उच्छ्वस्, परासु, प्रार्थनीय, पेय, श्रीस्, खरांशु, ज्या, राजाधीन, शिखाजट, परासिच्, अहल्या, प्रपलायन, आधू, असाधुवृत्त, परी, ऊर्ध्वगमन, भाटक, पज्र, अवस्था, संयोग, संहृति, वृन्दारक, सभा, द्विधा, वग्वनु, °रोहित्, अश्वा, नश्, बहुदान, निर्लक्षण, सह्, संज्ञित, अङ्गवन्त्, रथाश्व, निर्हेति, शिशूल, मिलित, निष्प्रतीकार, परिमोषिन्, अघ्न्य, वास्तुज्ञान, स्रोतोवह्, स्रोतोवह, औकार, सुनुमन्त्, संवित्ति, धाव, शाशक, अज्मन्, केशव-पन, तारामय, जागृवि, नीलिमन्, भविष्यत्ता, सामग, मिथःसमय, ब्रह्माहुति, आश्वत्थ, प्रवर्, क्षेपक, सुपाणि, पर्याण, कृत्स्नता, उद्गा, केक, वल्मीक, °पच, उत्सिच्य, प्ररुद्, संभोग, विशारद, भृङ्ग, परासू, सार, तू, सतस्°, वधूजन, पत्वन्, दुर्दुहा, प्रसाद, प्रतिबोधन, हुलुहुलु, रोपयितर्, अभिश्री, क्रीडनक, कुचन्दन, नीलोत्पल, दारुण, निरि, धर्मजीवन, कीर्ति, प्रकृतिष्ठ, नारी, कृष्णसार, अवधीरण, सुतीय, निःष्ठ्यूत, वञ्चय्, जीर्ण, शरव्या, हस्तगामिन्, मेध्यता, सद, विध्, सश्वास, सायंकालिक, महाशैल, ऐणेयी, वाहस, हेमवल, सद्धर्म, नारकीय, अन्तर्धि, पाशुपत, अपरिनिवार्ण




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