प्रक्रुश्

प्रक्रुश्
प्रक्रुश् /prakruś/ (формы см. क्रुश् )
1) вскрикнуть, закричать
2) накричать




Случайная выборка слов

जागर, शरद्, दिदृक्षेय, कार्यार्थ, ऋजीयंस्, अनुबुध्, त्रिवेद, पारिहास्य, अष्टासप्तति, पर्, चापल, अभियोक्तर्, विनिःसर्, तर्जित, वैवस्वत, आमरणान्तिक, शमपर, मेहना, दुःशील, सुश्रुति, कील्, प्रतिकर्तव्य, कण्टकशोधन, खिल, शरवर्ष, शिक्षावन्त्, अविषाद, अभिस्वर्, गोव्रज, रध्, मुमूर्षा, सहायिन्, अम्, परिवेत्तर्, जलशय्या, कास्, ज्वरित, कूर्पासक, भद्र, समानतस्, विश्राम, दक्षिणेतर, जन्मकृत्, विहि, कलिङ्ग, धन्विन्, रामा, अबोध-पूर्वम्, अवन्त्, अति, आश्विन, स्कन्दन, उपरत, सौम्यदर्शन, देवतासहायिन्, शोकार्त, सवेग, तद्युत, उचथ, निमद, वाल्क, °ध, वैकल्य, वर्त्र, लोक्य, परिकल्पन, अधिगम, अन्य, विजृम्भ, निहाका, तविषीमन्त्, नडक, संजीव, मृद्भाण्ड, असंवीत, वायक, वल्गित, कण्, अतिरंहस्, द्वितीयभाग, वायसी, विकूज्, नड्वला, दिन, स्पन्द, पूर्वकाल, करतल, नादित, वीक्षण, रयिन्तम, विघन, राजन्यबन्धु, व्यक्तीकरण, प्रतापवन्त्, प्रास, नभःश्रित्, राजवल्लभ, परिगाढ, विभूषा, विमुच्, विसर, संपादयितर्, मार्गस्थ, स्रुति, सुरगृह, रूपक, वह, अभिसद्, मर्ष्, कृतज्ञ, लप्, पर्णाद, प्रतिभी, अभ्यनुवच्, ऊर्ध्वबृहती, निरुध्, तमस्विनी, मौर्य, प्रतिवर्ष्, विलम्ब्, अभिविमर्ज्, गण्, निम्रुच्, पण्डक, रूपभृत्, महाकवि, एकपत्नी, वत्स, व्यृद्धि, निराश्रय, व्यावृत्त, , अविश्वसनीय, त्रासनीय, प्रबन्ध, विलेप, शोफ, वातल, सूक्तवाच्, धर्मात्मन्, परिसरण, मृगजीवन, अध्यापन, परिहारक, , अधरतस्, तदनन्तर, भस्त्रिका, मालतीमाधव, पर्यक्, प्रतिहतधी, सरश्मि, लघुहस्तला, नन्दापुरान, स्थलनलिनी, निरञ्जन, देवीसूक्त, आर्य, देवराज्य, कादम्बर, प्रतिसंधा, चेदि, अमृतरश्मि, सामयिक, महीतल, वारह, सर्ब्, तपोधन, संरुध्, समागम्, हठ्, प्रतप्, डकार, आलेखन, तस्याम्, अवीरा, मेषिका, धनेश, सच्छाय, रुरुत्सु, जनिकर्तर्, चर्, आशुक्लान्त, वग्नु, मध्यरात्र, सुरापाण, नश्, ग्रह, भियसान, शुश्रूषण, सुचेतस्, द्वादशन्, स्मरण, सहस्रसनि, पश्यति, लेह, वस्तुतस्, साहस, अपराह्ण, ग्रहणान्तिक, मूषिक, वृक्षौकस्, द्विजिह्व, वन्येतर, कातरत्व, चापाधिरोपण, बंहिष्ठ




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit