क्ष्णु

क्ष्णु
क्ष्णु /kṣṇu/ (P. pr. /kṣṇauti/—II; fut. /kṣṇa-viṣyati/; pf. /cukṣṇāva/;aor. /akṣṇāvīt/ ) точить, заострять




Случайная выборка слов

ब्रह्मनिष्ठ, खोर, अवर्तमान, मदोदग्र, रस, विवप्, छत्त्रिन्, समश्नुव, त्रिपिष्टप, यथाप्रप्त, निर्बल, संकुल, कन्या, दुरवग्रह, विभू, पर्णाद, अशङ्क, कम्बल, अनुरम्, विष्णु, बुद्धीन्द्रिय, ईक्षणपथ, स्थपुट, वदनमारुत, निरत्यय, युगपद्, आबुत्त, हरित, रत्नगर्भा, प्रियहित, ऊह्, कल्पपादप, अव्युष्ट, हरियोजन, आस्, पुरोजन्मन्, उत्खात, मतिभ्रम, मधुकर, अलंकरण, हुण्ड, प्रतिथि, फलप्राप्ति, अत्युल्लस्, बुरुड, प्रस्ना, निषेविन्, वार्द, शवधर, अल्पभुजान्तर, महात्मन्, वेदस्, सुतार, धूर्ति, अनुभुज्, मरकतमय, परिदृश्य, पपृक्षेण्य, बहुप्रज, सविष, समुद्रवसन, चतुर्थकाल, उपदिश्, प्रातराश, मयो°, सोद्वेग, वेशन, लालस, सुत्, धर्माध्यक्ष, आव्या, तन्मूल, कुवलय, मेदिनीश, सायाह्न, पणि, तदर्थिन्, कैकेयी, ऊर्जस्वल, वितमस्, वावचन, शैली, उल्लिख्, निष्पुत्र, जलराशि, करक, शश्वधा, ह्रसीयंस्, , मयस्, संप्रवेश, कृतमार्ग, कृच्छ्रता, सार्प, वस्, अनुकूल, दिदृक्षा, म्रदिष्ठ, विभव, ईश्, अरणि, तन्यता, वसुधाधिप, महानिश्, मशक, समीहित, निःशुक्र, देव-गण, युवति, बाहु, पुष्, प्राज्ञ, ग्राम्यता, रुजाकर, करुण, पोतभङ्ग, हीनरोमन्, भामित, विप्रकृष्ट, , प्रतिस्मर्, निष्कूज, साहसकरण, बहुल, निशावसान, काल, दक्षिणीय, विवादपद, सर्वताति, प्रश्नाख्यान, विरूप, तावच्छस्, -कृत्, वेपथु, प्रत्युत्थान, प्रमार्जक, प्रत्यभिधा, स्विद्, संक्षुभ्, धाम, प्रेक्षाप्रपङ्क, निबन्ध्, बौद्धदर्शन, अजा, समानाधिकरण, वप्, विस्पर्धा, सलज्ज, विद्वत्ता, भाजिन्, महोल्का, संप्रसारण, अभिसंधा, अदून, अनुसरण, तारारमण, कृष्णनयन, विकम्पिन्, साहित्य, उद्भिद्य, वेशत्व, हिठ्, नकुलेष्टा, तरिणी, सप्तवर्ष, शाबल्या, शिरस्त्राण, दुर्मद, क्नूय्, पतित्व, विवेकज्ञ, विशिष्ट, स्पृश्, धीर, भगिनी, कुक्कुर, द्रुमाग्र, धूलन, उपनिपत, समयधर्म, शान्तरजस्, वित्रास, त्रिरूप, नभीवत्, संयुक्त, परिव्यय, अकस्मात्, ऊम, विसारिन्, हौत्र, दिवानिद्रा, शशिलेखा, कालधर्म, परिपार्श्व, मृत्°, पृदाकु, एकराज्, उत्कर्ण, अकूपार, तेजो°, दरिद्र, उपकर्, सजाल, सेधा, वीरत्व, शय, हरिनेत्र




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


мастер на час минск, литовский словарь