स्पृहावन्त्

स्पृहावन्त्
स्पृहावन्त् /spṛhāvant/ жадный на что-л. (Loc. )




Случайная выборка слов

सुषोम, वीतभय, विस्मापन, अभ्युपपत्ति, वर्षवर, भी, प्रसववेदना, प्रतिमुद्, व्यावृत्त, दालन, सन, कूज, प्रातस्तन, शूल्, °प्राय, भोगपति, भावन, अर्धमास, , अभ्व, भिषज्, शाक, जयश्री, व्युत्था, तूपर, अमन्द, व्लेष्क, सिद्धिज्ञान, सूर्क्ष्, लवणवारि, विलुञ्च्, अत्य, दुर्विज्ञान, समाज, अवस्वप्, धृतद्वैधीभाव, सुचक्षस्, अप्रसन्न, मयूरपत्त्रिन्, अवसर्पण, धन्य, अनुप्रास, आचरित, मुक्ता, अग्रकर, दर्श्य, गुरुतल्पगामिन्, अव्यभिचारिन्, सार्थक, एकविध, सारमेय, पद्र, हरिश्मश्रु, ब्रह्मसत्रिन्, ली, ध्वृ, सुपथ्, महेन्द्रमन्दिर, बलसमूह, धूमपात, जानराज्य, कन्यका, कपिञ्जल, असांनिध्य, हिंस्, निसूदक, क्षाम्, वनग्रहण, संशोष, अगोह्य, दन्तान्तर, सुमहामनस्, समुन्मीलय्, , विनिर्जि, दिवान्ध, किर्मिर, तेजीयंस्, संशितवाच्, व्यसि, तीक्ष्णहृदय, अनुशिष्ट, रंहस्, वचनोपन्यास, परिस्कन्न, दुर्लङ्घ्यता, विवृत्ताङ्ग, संमोहन, खज, उदीरण, विचेष्ट, अह्रुत, दुरिष्टि, अकार, निरस्, आञ्छ्, आभज्, अभ्याधा, विभू, घ्रेय, अग्रेगा, भूचर, विकर्, त्रस्, दोषल, वदन, वक्रभणित, चारु, अविभावित, श्वसथ, दुर्मद, वर्, स्येदु, आस्कन्द, मैरेय, श्राद्धदेव, सुन्दरी, पर्यप्ति, सञ्ज्, संदिह्, रूपकरूपक, अम्भस्, शबल, महीश्वर, संप्रेरण, वनना, धर्मवृद्ध, नदीतीर, संदिह्, ऊह, कर्षू, तिलपर्णी, केशव, विश्वदर्शत, आवऋस्, परमेश, अह, दीक्षागुरु, अभिद्रुह्, °शङ्किन्, संसेक, प्रकृतिष्ठ, अतिक्रम, विशङ्कट, संपुटक, पुनरागम, अन्यता, एक, भ्रू, निपर्, तृद्, आसव, प्रतिभटता, वारितस्, उपादाय, विज्रम्भ्, सेतुबन्ध, सपुलक, उपाव्, सर्वानुक्रम, क्ष्माभर्तर्, धनकोश, संदिश्, गतानुगतिक, स्थाप्य, सहस्रदा, तदर्थ, अराल, वरूथिनी, °विद्योतिन्, हवनस्यद्, अभिप्रक्षल्, वाक्°, चान्द्रायण, असंस्तुत, तत्क्षण, तच्छील, दन्तशुद्धि, समदर्शिन्, जीवसुत, यूथप, चोदन, मञ्जुभाषिणी, दर्, दैवपरायण, तादृक्ष, हस्तिदन्तक, सश्रद्ध, हस्तरत्नावली, प्रभिद्, स्तीम, शुण्ठी, नौका, दीनमनस्, धुरा, सूर्यवंश, कलुष, श्रुतशील, दिर्घमुख, ऊर्ध्व, सत्यवचन, अनेकशस्, ब्रह्मदान, मालविका, मिथःसमवाय, जेतर्, पद्मराग




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


мастер на час минск, литовский словарь