प्रविश्

प्रविश्
प्रविश् /praviś/ (формы см. विश् I )
1) входить; проникать
2) попадать
3) отдаваться, предаваться чему-л. (Acc., Loc. )
4) наслаждаться чем-л. (Acc. )




Случайная выборка слов

निम्ब, मृध्, अतिमुखर, इन्द्रजा, क्वाण, आप्य, निराकुल, भुरिज्, प्रविद्, तुरुष्क, शेषतस्, क्षेत्रविद्, शाटक, व्युच्छेद, आलस्य, पृथक्, परिछिद्, वीरभद्र, स्वसर्, वह्, आद्रु, दीनमानस, शतशारद, मूढधी, हयग्रीव, वर्णज, उपभर्, विद्यानुपालिन्, स्वभाव, प्रबलत्व, गिरि, निशि, यम्, युज्, वेदार्थ, वितामस, सुरसुत, अत्वर, चापल, महीज, निमिष्, किष्कु, प्रत्यादिश्, ईर्ष्यु, इष्टापूर्त, समायोग, यदु, दातृत्व, गोपेश, नगनिम्नगा, सुदुःखित, बिन्दु, कुरबक, संलक्ष्य्, सरट, अष्टसप्तति, द्वीपिन्, तनुत्याग, कान्तत्व, आर्त, संमूत्व, नाभि, ईहावृक, जीवितेशा, सुग्रह, कर्णपूर, विश्वरूप, आस्पद, त्रिसप्त, शुक्ली भू, गणना, द्विपेन्द्र, विलाप, रोपयितर्, नाल, असाधारण, याज, कम्बुग्रीव, , दीर्घायु, नाथवत्ता, शमितर्, घटकृत्, समापिन्, अद्, प्रात्ययिक, मर्क, बम्भर, शोकपरायण, उत्कण्ठित, स्वादय्, शि, आच्छादन, ऋद्धि, पुलह, मेना, पेशी, द्रविणोदा, श्रीनगर, अन्यतम, उपकारिका, विशून्य, प्रललाट, सिषासु, लावण्यमय, आवर्जन, आमावास्य, कंस, रैवत्य, स्वक, भृमि, अतिविस्तर, वैकल्य, हिंस्रपशु, निचित, पर्विणी, आशिष्ठ, मोहयितर्, सिद्धार्थ, प्राग्वत्, अचक्षुस्, दशकुमारचरित, व्यपगत, लोककर्तर्, नियु, लालय्, हिति, अर्थान्तर, निशीथिनी, सुरगृह, दुर्मेधाविन्, प्रवर्धिका, जलधर, प्रयुज्, दण्डाधिप, गृत्स, भैक्ष, ज्ञाति, अष्ट, परिभुज्, ओम्, पोषयिष्णु, नागमातर्, वृकी, भूरि, बुरुड, विद्युन्माला, प्रियवचन, परावम्, यावदर्थ, उदहार, विनिःसर्, मर्दन, पक्ति, विडम्बक, नानादेशीय, श्लेष्मण, दुर्मति, अधीष्, पिधित्सु, आदितेय, चूर्ण, शक्, विक्री, असवर्ण, त्र्यश्र, वेदन, सुवर्ष, शितिरत्न, ऋतपा, किटि, तपात्यय, धारिणी, अनुपराभू, सर्पविवर, सरस्वन्त्, शील्, वीतमन्यु, विद्वत्त्व, प्राग्जन्मन्, उत्थ, विशालाक्ष, पणबन्धन, एण, ऊर्मिमाला, न्यह्न, रात्रि, प्रत्यवनेजन, सुशर्मन्, केपि, मञ्च, दुष्प्रसादन, तत्संबन्धिन्, वागीश्वर, कैलास, स्वर्, मन्यु, तद्विध, मिमिक्ष, साहस्रिक, समानबन्धु, समुत्था, सुजन, निष्कर्, पक्ष, क्रियाप्रबन्ध, देशीनाममाला
сборка мебели, литовский словарь




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit