स्खल्

स्खल्
स्खल् /skhal/ (P. pr. /skhalati/ — I; pf. /ca-skhāla/; aor. /askhalīt/; pp. /skhalita/)
1) двигаться
2) отклоняться
3) спотыкаться




Случайная выборка слов

विपाठ, अलंकरण, दिग्विजय, नभ्य, तुषधान्य, संविद्, तोयद, मघवान्, शुभंयावन्त्, कटक, वृषारव, वेष्ट, देवत्त, वितृष्णा, अविनीत, अनतिदग्ध, सानुबन्ध, अनुभिद्, निविद्, श्वेतवत्सा, आरम्, नौ, बालकेली, द्रावयित्नु, अपाश्रि, ज्योतिःशास्त्र, अंशुमान्, सर्पविनाशन, देवानीक, डयन, तन, शीतोष्णकिरण, दर्दुर, समभूमि, प्रचयस्वर, प्रभव, धर्मसूत्र, प्रतिगज, श्रम्भ्, वावाता, राकाचन्द्र, आशावन्त्, वशी भू, सलिलसरक, तार्ण, अनुचर्, ब्रह्मत्वु, प्रतिश्रवण, हर्यश्वचाप, मुर्च्छ्, देवकिल्बिष, आयुष्मन्त्, सटा, अज, समवृत्त, उदे, गभीर, उत्तर, निध्यास, षकार, सहाध्ययन, सर्वत्रग, उपमा, महारव, अनाकर्णित, प्रसिच्, पेट, ईर्ष्यालु, दर्शक, वियत्, आगत, उच्छिष्ट, विलय, हद्, तनिमन्, विष्टम्भ्, बाणपथ, हिमवत्, विच्छेदिन्, भूषाय, भञ्जन, भामिनी, महाभय, श्लाघा, तूष, चित्ति, बर्हिषद, वदनोदर, ज्वरिन्, वारिज, स्पृश्, शुच्, समुत्क, प्रपठ्, संवृति, राष्ट्रि, कार्यातिपात, ब्राह्मणवध, रुच्य, अष्टाविंशतितम, प्रतिनव, पर्शान, गोयान, उपाहर्, अन्वेष, ह्लीक, विभक्तर्, गालि, वय्य, उपपन्न, °ष्ठीव, प्रतिनम्, अम्बु, प्रतिफलन, माङ्गल्य, आज्ञा, पौरोगव, °भ्रुव, सप्तचक्र, कुशलवन्त्, रजनिकर, सर्वजन, गरीयंस्, सुसंस्कृत, मषीमय, प्ररुह्, प्रत्याशा, वैशारद्य, विण्मूत्र, संवत्सर, मानवी, हृद्यगन्धा, सुब्रह्मण्य, हम्भा, नाष्ट्रा, न्यून, विद्विष्, महाकाल, एह, पथिन्, नाकपति, नवीयंस्, वरिष्ठ, रमणी, ब्राह्मणता, पटीर, स्वादय्, सूति, दारक, सगोत्र, पलाव, संप्रधारणा, जडात्मक, स्वाहाकृत, बन्धय्, कङ्केल्लि, आवल्ग्, परिस्तर, सुभाषित, गूर्, सार्द्र, उष्, गर्भग्रह, सुजनत्व, प्रतिवस्, मर्मभेदिन्, ललाट, सिन्धुज, झषध्वज, तमस्विनी, ल्+_, हारफल, अमर्धन्त्, पयोवृध्, सुशिक्षित, रद्, नूतन, नियतव्रत, आसू, लभ्, गुणोत्कृष्ट, शान्तिद, विभज्, क्रतुमन्त्, वेत्रासन, विखेद, प्रतिमन्त्रण, चुच्चू, प्रवन्द्, अदून, प्रालम्ब, कीटज, जलेश्वर, संनी, रोगहृत्, अंशुक, संवर्त, रोमन्, बालकेलि, पाञ्चनद, महास्वर, °पर्, प्रस्तुति, किनाट, वस्, ककुद्मन्त्, समनस्




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


мастер на час минск, литовский словарь