पाणिनि

पाणिनि
पाणिनि /pāṇini/ m. nom. pr. знаменитый грамматик IV — III в. до н.э., автор многих языковедческих работ и грамматики яз. санскрита




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कूज्, मोक्ष, परागमन, आनन्त्य, गु, यजुष्मन्त्, मज्जा, सर्वौषधि, समुदित, प्रकर्ष, व्युत्पद्, वाजसनेयिसंहिता, परिक्षाण, वासिष्ठ, शुष्मिन्, मा, तण्डुलकण, औत्पातिक, कफ, द्वेषण, आराविन्, माया, द्राघिष्ठ, समरभू, अपेक्षा, त्वग्दोषिन्, शुठ्, संप्रदान, भृङ्ग, प्राधनिक, द्रुति, विनी, स्थापनीय, जाङ्गल, समीष्, उत्तप्, ऊधन्, स्त्रीधर्म, प्रयत्नवन्त्, प्रतिघातिन्, विपण, निषिद्धि, निम्ब, अराल, द्रापि, उद्गा, अवदार, प्रमद्, अविक्षत, सीमलिङ्ग, मित्रद्रुह्, तुरण्य, निराकरण, विश्व्या, अधिवासन, , वसुदा, प्रशम्, प्रचार, तैजस, छन्द्य, पितु, कार्ष्णायस, परिपण, दग्धर्, सेव्, प्रमाण, नवाशीति, गाय, संवप्, समुपधाव्, ज्यापाश, उर्वीतल, शरीरज, परिगम्, देवयान, स्थूल, कर्षण, सुतीय, समुपागम्, द्राक्षा, सरित्पति, अगद, प्रसर, उपासक, सावद्य, अन्वाभू, दहन, गुणवन्त्, दुर्व्यसन, सददि, वैकक्ष, वाराणसी, रयिन्तम, वाक्य, प्रयस्, जिह्मशी, सुवर्णकार, वृन्त, त्रिस्, , निचि, छा, पलित, द्विष्, अङ्घ्रि, भवन्ती, सांमनस्य, शम्ब, ग्राम्य, प्रतिज्ञा, उपक्रम्, तोयज, निर्दय, उदारत्व, प्रयोजय्, कुशील, अनाश्रित, प्रतिसंयोद्धर्, मदालस, बाधन, शुभार्थिन्, सुविस्तर, समन्त, विपाप्मन्, अभिसंधा, अतिवृष्टिद, प्रतिवल्लभा, उपदेशिनी, शौक्ल्य, अनवपृग्ण, वधना, द्यूतकार, प्रारम्भ, क्नूय्, विवास्य, चूषण, लुब्धत्व, अपराधिन्, व्याधू, बुध्न, द्विपदीखण्ड, अरावन्, अलोमक, भिक्षाटन, कर्तुमनस्, दर, मर्ष्, भीमयु, कार, सप्तरात्र, क्षण, हस्त्यारोह, जघनचपला, कर्क, सप्तास्य, बाध, मनीषिन्, जनान्तर, पथ्य, चीत्कार, विलुप्, °शंसिन्, उलूक, सव्यावृत्, अमर्धन्त्, पञ्चचत्वारिंशत्, दण्डपात, तिन्तिड, उचथ्य, सायुज्य, चिकीर्षित, दस, त्रिजगत्, धुर, समत्व, प्रभङ्ग, नाटक, निर्ह्राद, जीवत्पति, कूल, निर्ग्रह, राजमातर्, सविध, शतपति, निर्दशन, साग्निक, प्रजाकाम, शरासन, उदर, चर्षणि, विनियुज्, बंहीयस्, °भु, पराभूति, विस्यन्द्, आलोक, तूष्णींदण्ड, सहस्रवलिश, संप्रतिपत्ति, अंशकल्पना, नीरद, प्रातिशाख्य, तिग्मतेजस्, निरि, शूक, अदास
сборка мебели, литовский словарь




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