ब्रह्माञ्जलिकृत

ब्रह्माञ्जलिकृत
ब्रह्माञ्जलिकृत /brahmāñjali-kṛta/ складывающий почтительно руки (при изучении Вед)




Случайная выборка слов

हस्ति°, भाटक, कृत्य, पर्यटक, परोऽक्ष, करप्रतिकर, श्रोणी, ध्वजाहृत, गर्ह्, ग्रहण, शाकल्य, जगतीपति, होम्य, सावमर्द, गोहत्या, कृपीट, प्रत्यादिश्, अर्वाचीन, अनद्यतन, दण्डपातन, संपुष्टि, द्विगु, लेपिन्, राजसेविन्, दह्, विलशन्त्, हायि, यज्ञायुध, भैरवी, चन्द्रशेखर, लौह, धर्मात्मता, नैदाघीय, शान्तिभाजन, हस्ताभरण, क्रेय, नम्, कार्यदर्शिन्, खण्डशस्, अध्यज्, नामसंग्रह, तरक्ष, धिषणा, अवाप्, आपूर्ण, विद्राविन्, निरागार, °धन्व, यथाविधानम्, अभीर, आसेव्, माध्यमक, कुन्त, तत्रत्य, स्पर्शनीय, अध्वर्यु, परासेध, रन्ति, दैक्ष, शुक्लदन्त्, वर्धन, हला, भ्रातर्, विप्रमोहय्, परःसहस्र, पीवोरूप, अप्राज्ञ, रसप्रबन्ध, कुण्ड, दक्षिणा, ऊहन, तिग्म, रोगघ्न, द्वारफलक, गर्भगृह, अत्युदात्त, शकृत्, व्युच्शित्ति, नाकलोक, रब्धा, प्रसिति, गत, , नवयौवन, शंवन्त्, चोदितर्, दर्शनगोचर, स्रंस्, परिवेषक, निर्वच्, वचनोपन्यास, मद्र्यञ्च्, राक्षसेन्द्र, मनोहारिन्, संदिह्, गुरुभार्या, महामनुष्य, तीक्ष्णता, निराशक, सेर्ष्य, अग्रभाग, हिठ्, तावत्कृत्वस्, एकशत, परिष्वङ्ग, विचिन्तन, आरुह्, परीष्, सजल, शोचनीय, मनुष्यजात, चतुर्विंश, प्रतिकोप, वीरत्व, असजात्य, समा, लेशतस्, मर्ज्, ब्रह्मजुष्ट, तृणाश, आत्मनेपद, भ्रामिर, विजृम्भन, पौष्ण, हविर्°, नाशुक, निःशत्रु, दिविक्षित्, पादरजस्, आक्रान्ति, नितोद, भगवती, वेप्, ह्रादिनी, आदितेय, साधुभाव, बन्धुता, चक्षुस्, अतिगाह्, अमृक्त, प्रमर, अभिकाम, दुरवगाह, सप्तरश्मि, सुखार्थिन्, कारणात्मन्, उपस्पर्शन, जनान्तर, निषेवा, निर्वंश, अत्यादर, परवश, तार्तीय, गृध्नुता, याज्यता, वामन, ओम, विमृश्य, अरोग, चतुःसहस्र, नन्द्, सुरथ, दुर्विषह्य, पितृत्व, जप्य, गञ्ज, असमर्थ, तानि, हस्तिपक, प्रत्यवेक्षण, परिमर्द, परिमिलित, मरण, शौक्ल्य, खचर, पर्, अवखाद, अनुरागिन्, कौटुम्ब, पालि, निदर्श्, समष्टिता, दिनमणि, उड्डामर, मृद्भाण्ड, द्वार्, प्रियता, अणु, लघुहस्त, सुवर्णकर्तर्, साधनीय, प्रीततर, प्रवक्तर्, श्रीहर्ष, भवनद्वार, संस्तर, प्रासादपृष्ट, लघुभाव, अगति, प्रसह, ऊधर्, अन्वस्, अस्मृति, शर्मण्य, सामन्, निटाल, उद्देश
сборка мебели, литовский словарь




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit