वाल्मीकि

वाल्मीकि
वाल्मीकि /vālmīki/ m. nom. pr. мудрец, к-рому приписывается авторство «Рамаяны» и крого считакт первым индийским поэтом; см. रामयण 2




Случайная выборка слов

अनुत्त, नैषधीयचरित, हरिणहृदय, महापाप, आस्थानी, संपादन, चेष्टन, विदेवन, निस्तारण, असंस्तुत, शतदन्त्, अनुमा, काल, विवर, अनुसिव्, निरमित्र, शासुस्, मुखगत, मर्मभेदिन्, प्रमन्यु, सोमसुति, निराकाङ्क्ष, पारस, अमृत, प्रतिमुद्, यथा, पाकल, महामुनि, न्यङ्ग, धातुहन्, छेद्य, अप्राधान्य, दीपावलि, समवतार, बलयुत, व्रतिन्, सविधी, स्तिप्, परिवाद, अतिकृति, अबल, शीर्षण्य, सेक्, सत्यशवस्, मानुषी, रहय्, अक्त्वा, स्थिरपीत, दोहल, ऐण, क्षेमेन्द्र, कम्, गर्भाधान, व्रीहिमन्त्, धूममहिषी, अरे, धीरभाव, , अकैतव, नृजित्, वनश्वन्, दैवगति, श्रिया, सन्मङ्गल, नवविध, नयकोविद, पतिंवरा, पापकर्मन्, अभिगम्, श्वात्र, ष°, रिङ्गि, तर्ष, प्रोत्सर्, हव्यदाति, देवगृह, देवासुर, अवपत्, अवृक, शिप्रिन्, स्नेहमय, धूर्तत्व, शिरोदुःख, कर्मिन्, नन्तर्, धैनुक, प्रतिवेदम्, रेष, शमल, विद्याहीन, लोहित, पादधावन, व्याप्त, दार्श, भुवनतल, स्तेय, आविद्, विदुष्टर, तेजो°, सग्धि, यक्ष्य, गार्ह्य, ययि, निविद्, शीन, दुर्वासस्, सुनीति, केनोपनिषद्, निवह्, क्षि, स्थलपथ, धातुमन्त्, संज्ञपन, सुखिन्, विद्मन्, दु, प्रादुष्करण, लोकाचार, आभरण, श्यावदन्त्, देवराज, °लापिन्, वयम्, नहुष, विद्युन्°, अवस्, व्यङ्ग, दशाक्षर, मञ्जूषा, मुख्यशस्, षोडश, रिष्, वृद्धोक्ष, कास, लक्ष, पौर्विक, अभिराम, स्थापक, संहि, अभाग्य, अनुरुध्, श्रद्धालु, सुस्त्री, मर्द्, अर्थदूष्ण, बोधय्, बुध्न, उपयम, स्वःस्त्री, जगतीभर्तर्, सोच्छ्वास, विषासहि, तानूनप्त्र, त्रिदशायुध, नट्, रुद्र, संतर्पण, कृषि, परिभर्, मणिमन्त्, पूर्वसमुद्र, उपचि, आक्षिप्, दोहदिन्, आवृत्, परिघात, वस्, त्रिपुरारि, यातव्यपक्ष, मद्र, संप्रत्यय, कृच्छ्रगत, द्रढीयस्, निन्द्, बन्ध, भाट, तदवस्थ, संभोग, निर्वाह्य, हास्तिनपुर, उच्च, विश्वसनीय, आमिष, वन्य, चर्, स्फुण्ट्, अवत, अन्ततस्, शैलशृङ्ग, सविद्युत्, मयूख, प्राणभृत्, कुच्, सोन्माद, आस्कन्दन, योग्यत्व, महानिद्र, मदनमह, आश्रमस्थान, अजेय, पितृलोक, वारयोषित्, संचित, पौर्तिक, ऋबीस, जघन, पन्नग




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


мастер на час минск, литовский словарь