सह्

सह्
सह् II /sah/ (P. pr. /sdhyati/ — IV; pf. /sasāha/; aor. /dsahit/; pp. /sahitd/)
1) быть довольным
2) соизволить




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उलप, सचनस्, गगन, मौर्वी, रुजस्कर, इषुधि, निर्जर, तैक्ष्ण्य, दुर्विधि, आशी, व्याकुल, व्यासङ्ग, अक्षपाटक, विच्छेद, उद्यानमाला, गोऽश्व, नियतव्रत, लुङ्, द्वारस्थ, तोय, शिरोधर, स्थानविद्, परिबाध्, रोमण्वन्त्, जाति, सगर, भस्मसात्, पतिमती, द्रु, नवता, देवाश्व, धार्तराष्ट्र, दारुज, कलानाथ, पण्यजन, निर्गुणता, दिग्गज, रोधस्, गणेश, स्नायुबन्ध, संवीत, मुक्तारुच्, दुष्प्रकृति, सपरितोषम्, हरिताश्व, सौमिल्ल, विशालता, प्रसर्प्, ऐकाग्र्य, कौशल्य, परिणायक, शुठ्, दीर्घश्रुत्, संप्रदातर्, सोमपायिन्, शरद्घन, दम्भोलि, किला, मयस्, द्वयाविन्, षडहोरात्र, लोमगर्त, सद्धर्म, मृष्टि, शुद्धोदन, विधिज्ञ, उशिज्, यज्ञपति, परिशुष्क, निर्वेश, तामिस्र, मृगशाव, पथस्, संश्रय, स्त्रीसंग्रहण, सविकल्प, कायस्थ, नवविंशति, हृदयसंनिहिता, यावद्बलम्, प्लव, कासार, स्तिपा, शौरसेनी, त्रैकालिक, दुर्मति, लतिका, षडक्षर, निमिष्, पोतप्लव, समुपास्था, दुरुत्तर, शुक्, हिक्क्, अश्, प्रत्युत्पन्नमति, गुरुभार्या, जरिमन्, वशा, पञ्चवक्त्र, उत्कर्ष्, आभज्, सहभोजिन्, तौषार, निस्तोय, कशीका, भृम, संधेय, आश्लेष, अमृता, अतिप्रवृत्त, शप्त, अङ्गविकार, संगीत, मनीषिन्, सुत, नन्तर्, ऊरु, दुर्निवार्य, आसुति, उत्स, मयो°, चय, शशधर, मिष्, विभेदिन्, पुत्रक, नी, दैर्घ्य, दुर्बुद्धि, जन्या, रस, पताकिनी, मद्वन्त्, समुदीरय्, संहन्, आदीप्, मातृका, अस्थूल, कच, पक्षस्, रजनीमुख, कथन, कुथ्, देवव्रत, समुत्थान, मुखप्रसाधन, प्रलवन, मद्वत्, ऐन्द्र, वृक्षमूल, पङ्क्ति, वर्णता, हारायण, कालधर्म, मिताशन, गीता, अतिवद्, प्रासह, स्थिरता, धृष्णुया, जरा, उत्तम्भय्, प्रतिपद°, अवशिष्, राजक्रिया, निरुत्सुक, अदुःक, महा°, महीपति, पदपाठ, विनिश्चल, रुक्मवक्षस्, संवर्, पञ्चविंश, सालस, फलसाधन, सारङ्गलोचना, जलधरमाला, हसामुद, सौम्यरूप, प्रावरण, झरा, तिरोधान, प्रवालफल, अभिवीक्ष्, राम, गर्भ, बिन्दुक, सत्यधर्म, गोक्षीर, बस्त, विप्रलम्भशृङ्गार, मस्तक, यक्ष, अजपाल, आद्यन्त, मधूत्सव, शरण, ससुहृद्, चक्षस्, श्वसन, चर्म°, विधारिन्, परमार्थ, रिक्थभाज्, वर्णधर्म
сборка мебели, литовский словарь




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