लिपिन्यास

लिपिन्यास
लिपिन्यास /lipi-nyāsa/ m. писание, процесс письма




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वेदान्त, वेप्, त्वक्षस्, निर्व्यापारस्थिति, दक्षिणापथ, संभिद्, सर्भ्, मानुषी, मसी, कुलायिन्, संचोदित, बाधितर्, व्रतचारिन्, निवस्, दुराधर्ष, बाह्वङ्क, पक्षिशावक, भोजनकाल, उत्पाटन, शी, दान्त्व, काचर, विषित, शठ्, विग्रह, संभ्राज्, उद्यान-पाली, अभिशस्ति, जलदसमय, अधीशता, मातृका, दिवान्ध, रराट, अन्याय, वेणीसंहार, चर्त्, परिक्लिद्, उपयमन, वादयुद्ध, हिमांश्वभिख्य, शर्य, सुवर्चस्, श्रुतिमन्त्, पराचैस्, अनुवच्, निर्विष, अलक्त, यात, अप्रजस्, मोक्षयितर्, रूपसंपद्, आस्वाद्य, प्रतियोद्धर्, विधूत, धर्मयुक्त, कासिन्, प्रज्ञातर्, प्राश्, शोकावेश, कुत्स्, चतुर्दशन्, सर्ज, अभिवस्, श्रवणपथ, लोकेश, दशमुख, संभावनीय, मन्दन, प्रतिद्वन्द्विन्, अभिचार, भ्रूण, विचारणा, भ्रामिन्, द्वितीया, संवल्, सुकृत्, उड्डीयन, सूर्, माङ्गलिक, द्वैधीभाव, पृतनाषह्, नियोग्य, अवस्वप्, अनुसिव्, सद्योमंस, तर्, द्रविणस्, एन, प्रमीति, ह्यस्, हंसबीज, उपक्षय, प्रवीर, आसद्, संधेय, वरूथ, अध्यात्म, पुरःसर, सपत्नीक, वासवदत्ता, श्याल, नीरन्ध्रता, स्वर्गमार्ग, प्रग्रभ्, चित्रगत, शतचर्मन्, भावन, रुरुदिषा, परिविष्टि, मञ्जर, कृशन, वासिष्ठ, है, संनह्, वायुपुत्र, सबाष्प, प्रभूति, °नन्दनक, विश्वशंभू, पात्रस्थ, अमत्सर, अनुग्रह, त्रिपुरद्विष्, महामनुष्य, निरष्ट, प्रवत्, तुषार, प्रतिहार्द्, शौद्र, तत्त्वशुद्धि, सद्विद्य, संभर्, संधिन्, प्रस्तोतर्, °रेषिन्, निस्यन्दिन्, अपविच्, स्फाय्, मणिक, मज्जन, वेल्लन, तिल्विल, पाशुपत, विदर्भ, नवाक्षर, श्रीवृक्ष, वर्ष्, एकचक्र, वाक्य, नयनाम्बु, परिलेख, आलुड्, निन्द्, ईर्म, नस्, नभौकस्, वर्धन, स्वान, प्रीतिकर, व्यान, दित्स्, अधिरथ, ह्री, वर्षुक, ठकार, विन्ध्य, वरिष्ठ, सयत्व, पैशाच, हेतुत्व, चतुरह, निर्व्यलीक, देवदत्त, °परिच्छद्, ईर्ष्यु, भुजमूल, अनतीत, उत्कण्ठ, दुष्कर, दन्, खेदिन्, अव्यक्त, सत्रा, प्रश्न, राजकन्यका, लङ्, दुर्वाद, विजृम्भ, सप्तगु, गोपुर, पाणिपात्र, शृङ्गार, विश्वामित्र, संजीवय्, कैतव, पारदेश्य, देव्युपनिषद्, कूर्पर, लक्ष्यी कर्, नरेश, मधुकर, न्यर्ण, ध्वृ, क्षुद्रशत्रु, समान्त, यज्ञक्रिया, अविश्वसनीयत्व




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