क्षेत्रज्ञ

क्षेत्रज्ञ
क्षेत्रज्ञ /kṣetra-jña/
1.
1) знающий местность
2) хорошо знакомый с (Gen. )
2. m. душа




Случайная выборка слов

भूति, दिनकार्य, मूलाशिन्, खोट, शंस, उज्ज्रम्भ्, पिप्पल, कान्तार, वाचयितर्, °ष्ठीव, अनुकूल, विशुभ्, हितक, गर्भगृह, ऊर्म्य, रथयुज्, चोष, कृष्णा, प्रदीप, प्रतिकृत, भाविक, धनर्च, अग्निषोम, ब्रह्मन्, यानी, भावन, आपण, अर्थवत्त्वा, भीष्म, हिमवृष्टि, कर्णिकार, द्रवत्व, चरित्र, शमन, प्रवर्ष्, दौत्यक, मन्निमित्तम्, दीर्घता, पौर्वक, पञ्चचत्वारिंशत्, शववाह, संगत, दिग्दाह, क्षीरवन्त्, भस्त्रिका, केवर्त, °भूषिन्, विसार, हृद्यगन्धा, हृदिनी, सुवर्चस, लक्ष्मीक, सप्रसव, त्रिपाठिन्, परामर्श, सत्त्व, विप्रलम्भिन्, संलिप्, स्कम्भ्, चन्दनरस, शिशुपाल, प्राथम्य, सुरुङ्गा, पुण्य, जलद, शची, निर्दण्ड, ग्लानि, परेद्यवि, हेमन्, प्रत्यक्षी कर्, अभिप्रनु, मङ्गलादेशवृत्त, भर्जन, शस्तर्, आकर्णन, हायन, अभिताप, दातृता, असद्भाव, अनुपक्रम्य, संख्यान, अभिवन्दन, प्रेक्षाप्रपङ्क, अनङ्गक्रीडा, सर्वत्रग, दापनीय, आके, समाश्वस्, पोत, जयद्रथ, शब्दापय्, विचित्त, पेटा, नाग, प्राकट्य, विवादार्थिन्, लोमकीट, धनद, परिपण, क्लीबता, उपवस्, शल्लक, रत्नसू, सनद्वाज, इन्द्रजित्, पशुपति, अम्बुरुह, विथुर, तुङ्ग, विनष्ट, बलाक, प्रतिहतधी, पापकृत, प्रसादक, बन्ध, नैर्धन्य, दव, नाभा-नेदिष्ठ, मोद, वेदोपकरण, संस्वर्, सितातपवारण, विष्टम्भ्, वेदान्त, मृषोद्य, सप्तधा, विसंशय, मानना, सून, सामग, दीनरूप, धनवृद्ध, माध्यस्थ्य, दण्डवाहिन्, संपूर्ण, अस्माक, सनि, अधरौष्ठ, अप्राण, अनुचित, जीवितप्रिय, प्रणाद, परिक्लिद्, दर्शिन्, सग्रह, सर्वपति, महागुरु, द्व, घट, आचरन, सुप्रीत, उपलिप्, दण्डपाणि, दान, हृत्प्रिय, दुघ, मध्यरात्र, किंकरा, अनवपृग्ण, समानता, अनुशिक्ष्, अघृण, शुक-सप्तति, अनुगा, सर्वज्ञता, हव्याद, मायावाद, अभ्यागत, वैवस्वत, दैवज्ञ, गृहरक्षा, दल्, मेध्य, दारु, निचेतर्, द्रष्टव्य, पार्वण, प्रजेश, घनपदवी, कुन्ती, प्रियदर्शन, अर्वाञ्च्, संहु, हूण, संवेदन, यज्ञपशु, महाप्रमाण, निर्व्याकुलता, निरात्मक, प्रपञ्चन, °मनस्क, सिंहनाद, मुग्धबोध, क्रमशस्, विहगपति, विवाक, अजस्र, प्रवृद्ध, सेवितर्, प्रायण, बर्हिस्, उग्रत्व, ऊह, समुद्रवसन, वसुधापति, गालव




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


мастер на час минск, литовский словарь