वाक्यपदीय

वाक्यपदीय
वाक्यपदीय /vākya-padīya/ n. назв. трактата о философском учении о слове, приписываемого Бхартрихари; см. भर्तृहरि




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संनस्, स्थूलमध्य, सहचारिणी, व्यग्र, निरहंकार, कृतकृत्य, नाडीका, मोक्षयितर्, गण्, पदपाठ, पद्म, अवचय, अवहित, सुरालय, छालिक्य, भुजंगप्रयात, अग्निहोत्र, रेभ, नितराम्, पथिपा, बम्भर, यूयम्, गौरमृग, उद्गीति, धृष्णु, स्वामित्व, शरीरत्याग, भरद्वाज, शिति-पृष्ठ, अध्वन्, मुहु, नीहार, स्पन्दिन्, मंहीयंस्, निपुणता, प्रपठ्, शङ्क्, चाञ्चल्य, प्रस्रंस, संबन्धिता, विश्रान्ति, विग्र, सलिलकर्मन्, हस्तवन्त्, वारितरंग, दंष्ट्रा, अविदित, उपरति, दुर्वचस्, मन्दविचेष्टित, चण्डा, परिणम्, प्रजाकाम, रुप्, अतिमुच्, क्षेपणिक, प्रसू, परिचयवन्त्, मदिराक्ष, बहुदान, डम, सुब्रह्मन्, अमराचार्य, समानयन, उड्डमर, पुत्रवती, संकसुक, अवयवरूपक, दिविषद्, हेमधान्यक, ठकार, अदन्तक, अमेध्य, वप्तर्, किंप्रभु, दौर्ग, गु, संजीव्, निर्भज्, पुनरुक्ति, पाथोज, मनुष, दालन, रात्रिसत्त्र, व्यालग्राह, स्ताव, तूतुम, तट, विपन्यु, तूपर, अनभिसंधि, वैराग्य, द्वार्बाहु, स्वराज्, पुरोभाग, ज्वलित, पद्मासन, लोकपाल, नटक, सृणि, आत्मत्व, पृथग्जन, स्वल्पक, वाजसनेय, इन्द्रत्व, शक्वन्, उत्स, आप्य, मिष, शतधा, जीवधानी, घोरत्व, दृ, अप्रति, संचोदय्, धोरण, भृमल, मर्मग, अर्ष्, समृध, दीनता, परिबन्ध्, सुधामय, बुध, बौद्ध, वर्षन्त्, धर्मोपदेश, सुकृति, सलिल, प्रस्तातपङ्क्ति, प्रवस्, सिसृक्षा, देशना, भौवन, निशाचरपति, वाद, दूरपातिन्, सप्ताश्व, उद्रिच्, समस्तधातर्, समानोदक, यन्त्रणा, पुञ्ज, पन्नगारि, दास्य, वधू, सदुःख, रुशद्वत्स, भग्यक्रम, प्रक्रम्, कथ्, वैकक्ष, वाताशिन्, विकलत्व, पाथोद, अवलग्न, ज्ञातर्, विकसित, सर्व्, शाम्ब, सदेव, ऐकश्रुत्य, दोषन्, भूयस्, विशूल, प्रश्नकथा, सुतीय, प्रमर्दितर्, नवजा, दन्तमूलीय, दूरसूर्य, बीभत्सु, रयि, शुचि, कुलज, द्यौर्लोक, सावयव, कार्यार्थ, अनुरागवन्त्, मेदस्वन्त्, द्विवर्ण, आतपवारण, दृष्टान्त, अतिशयन, शाणोपल, द्रापि, आतन्, सर्वसह, वृजनी, तूय, महाह्रद, जीवनहेतु, वसुधारिणी, धवलिमन्, प्रजल्पित, काङ्क्ष्, चतुर्विंशत्, विद्, मनुज, अणिकर्तर्, षाण्मास्य, भारभृत्, वरिवोद, निराकार, चित्रग्रीव, पांसुक्रीडन, चापिन्




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