मर्

मर्
मर् II /mar/ (P. pr. /mṛṇāti/ — IX; pp. /mūrṇa/ ) разламывать, разбивать




Случайная выборка слов

विज्ञान, भेदकारिन्, शुध्, स्फुलित, सद्योमृत, स्वरूप, इतिकार्य, काकी, गज, गुञ्ज, निटिल, सोतर्, दुर्वृत्ति, पिष्टपचन, , दिव्, मन्दन, युचिष्णु, निर्मम, तेजिष्ठ, नकिंचन, आत्मवध्या, पितृपक्ष, कलिका, वाणी, कम्बल, दोष, अत्रि, षट्पाद, कोथ, वैकक्ष, हताश, स्वर्ग, भागिनेय, क्षैत, पुरंध्री, व्रतस्थ, अग्निहोत्र, घर्, उद्रिच्, केनिप, दशक, सृमर, तीर्थवन्त्, सौम्यता, मूर, आर्यभट, अर्थवन्त्, दौर्भाग्य, पुरोधिका, प्रजापति, पराजय, मेना, च्यावन, आक्रन्द, अपभ्रंश, घसि, कक्कोल, उपयान, दारु, प्रवेशक, शुष्मन्, गोपुच्छ, मरुत्, पितृदेवता, पिट, तटस्थ, श्राद्धदेव, प्रमोचन, परिवास, वामोरू, प्रज्ञात्मन्, प्रकिरण, विप्रलभ्, अभिलभ्, जरण, भीमल, निषेवित, ह्वरस्, द्विष्, दशिन्, क्षयण, सददि, प्रत्याहरण, विनिर्गत, परमेष्ठिन्, अन्तर, षष्टिधा, आद्य, पुरीतत्, विनिर्जित, मदिरदृश्, संग्रभ्, वैराग्यशतक, कोश, काम्या, मधुमोदित, श्रद्धालु, शाकुन, संवल्, अनुवस्, कीचक, पितृदेव, तुषारकर, उपश्रु, अवसर, किष्किन्धा, जगद्गुरु, कोशागार, खल्ल, प्रतिवह्, औषस, आवश्यकता, निह्नु, अध्यवसाय, प्रतिभय, नमस्कर्तर्, पाशुपाल्य, कार्षिन्, अश्वखुर, व्युन्दन, गर्, उच्च, पाटच्चर, अपक्रम्, वेदनीय, सुदुःख, शापमोक्ष, त्रिषष्ति, हूति, सामन्, सुमुख, चिरवेला, वाक्पटु, दिवित्, बहुधा, उत्था, त्रिलोक, संस्तब्ध, धनुष्पाणि, केसर, अभिरु, उदककर्मन्, वङ्क, प्रतिश्रुत्, दुरावार, मल्व, व्यवाय, कालपर्याय, यज्ञशिष्ट, नृकेसरिन्, विरोधोपमा, भूष्, वैकृत, शुकी, सहस्कृत, कौरवेय, रिक्त, पुंगव, रवि, सनक, वराक, वार्ष्णेय, नाकलोक, परिपूरक, , समुपागम्, प्रसारित, प्रगुण, परिधारणा, शकल, अनुरूप, निषेक, संसारिन्, शू, अतिभूमि, भूमिज, प्रतिभज्, रथयुद्ध, श्रवणगोचर, अन्वालभ्, अनुगीति, सममति, दलनी, अनसूया, देशभाषा, कृतनिश्चय, त्रस्, प्रयोक्तव्य, कौस्तुभ, मना, अतिप्रश्रि, वादिन्, संह्लादिन्, जलोदर, अपहार, मोह, मेषी, म्ना, पराधीन, दधृष, धावल्य, आहर, देवकी, श्रवणपथ, °मूर्ध, त्रास
сборка мебели, литовский словарь




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit