स्तोतर्

स्तोतर्
स्तोतर् /stotar/ m. тот. кто поёт хвалебные гимны




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उत्प्रास, विश्वरूप, निरनुग्रह, श्रोत्र, ध्वजिनी, सततयायिन्, संसर्जन, श्वित्यञ्च्, रणभूमि, मैनिक, दिगन्त, प्रस्फुर्, निर्गुल्म, प्रवयस्, बलयुत, प्रतिनिष्ठ, काण्व, इषुधि, सुफल, मेण्ठ, तुल्याभिजन, सानाथ्य, निरीक्षा, विष्टम्भन, अवेक्ष्, आनुषक्, प्रीणन, सर्जन, प्रस्वेद, जीवसाधन, पूर्वज, आषाढ, रत, प्रयात, प्रतप्, नाशक, पञ्चवर्ण, नारकिन्, फेट्कार, क्षुरकर्मन्, मन्मथ, चण्डरश्मि, शतदातु, क्रोधिन्, दुर्ज्ञेय, चिताधूम, वधूवर, प्रोष्ण, वेहत्, पर्यङ्क, वह्निस्फुलिङ्ग, अधुना, प्रतिपण्य, झिल्ली, वातुल, वनभू, खेव्, प्रतिचक्षण, तविषीमन्त्, प्रश्लित, जगदीश्वर, द्विपञ्चाशत्, धनहीन, प्रयु, छुच्छु, नष्ट, परिमुह्, मुख, महानस, नदनदीभर्तर्, पैत्त, नारकीय, °विडम्बिन्, अदून, रदनच्छद, गोपेश, जरस्, रयिमन्त्, मिष, अनुमद्, संरोध, अतिविस्तरतस्, बिल, शिली भू, तूणव, सौवर, हितवन्त्, उमा, संप्रतिष्ठित, संहनन, कोशपेटक, आकार, मुद्, कठ, विनिन्द्, अपकृत, पूर्ति, शफवन्त्, दण्डाधिप, अङ्कुरित, उन्मर्ज्, आत्मसंभव, नितोद, परिष्कन्द, विशोषण, व्यथिस्, ज्योतिर्ज्ञ, लौल्य, आपार्ष्णि, परंपरा, मध्यमशी, सत्वर, अगम, कुठारिक, निबध्, हिरण्यपर्ण, संव्यान, कीदृग्रूप, रोगनाशन, पार्थिवत्व, आकल्पम्, संनिमित्त, प्रकम्प, ईप्सा, पार्श्वगमन, लेखनी, अभिजुष्, पृ, असूय, वधत्र, दीर्घकाल, संधिविग्रहक, एकदुःख, सुवर्णकार, घोष, सारता, पद्, सौमिक, महाकवि, कशा, फट, बाहुयोधिन्, संवत्सम्, निवास, बहुपुष्ट, अभिरक्ष्, जनपति, हस्तिराज, सप्तपदी, वरवर्णिनी, अयास्, सपत्नी, क्षुद्रजन्तु, अप्रतिहार्य, एणाक्षी, हि, नाभाग, अध्वर्यु, प्रणाडिका, वैष्णव्य, विषय, गान्धार, वारिवाह, °तमाम्, दासीत्व, उपचयावह, बहुप्रकार, तारण, अश्विन्, निरंशु, अभिनन्द्, साध्यवन्त्, दव, संमत, पञ्चपाद, ऋत, उभ, नित्यमय, कीटग्+न, स्नस्, सारवन्त्, त्रिवृत्, शिति-पृष्ठ, तरुमूल, गौड, त्वेषस्, नारङ्ग, मृध, अयशस्, नक्षत्रनेमि, शलभ, प्रशुभ्, षडुत्तर, बभ्रुवाहन, दुर्मर, उरुव्यञ्च्, आविद्वंस्, कुशलवन्त्, दीपालोक, सक्षणि, सुकान्त, एवंतर्किन्, मध्यमपद, जानकी, केशपाश, मुसल, प्राणनाथ
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