कथ्

कथ्
कथ् /kath/ (U. /kathayati/ / /kathayate/—X; fut. /kathayiṣyati/ / /kathayiṣyate/; pfph. /kat-hayāṁ-cakāra (-cakre)/; aor. /acakathat/ / /aca-kathata/)
1) беседовать с кем-л. (lnstr. )
2) рассказывать, говорить о (Acc. )
3) доносить, передавать
4) констатировать




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जर्जरित, ब्रह्मवाद, अधिरुह्, वेदयितर्, परस्यान, खरांशु, निर्याण, निरावर्ष, खद्, प्रवाचन, प्रमर, पीडन, करप्रतिकर, सिंहध्वनि, परिमन्द, नुत्ति, सर्वहर, पाञ्चजन्य, निरात्मक, मूलपुरुष, परिगृहीति, प्रथमज, प्रभवितर्, प्रेष्य, यज्ञिन्, योषन्, समुपाहर्, सम्यग्बोध, भूरिदावरी, समितिंजय, अम्बुद, प्रपा, ज्ञानशक्तिमन्त्, मूलसाधन, नभस, प्रलम्भ, त्यज्, परिशोधन, कालकुट, वसुत्व, विषादन, निगूहक, मृत्युकाल, सुवासस्, अप्रणीत, तेजोवन्त्, नासापुट, अनुक्षणम्, मल्लघटी, राजवल्लभ, मृड, विहा, ध्रुवसद्, विषाण, केतु, सुर, सुषुम्ण, नवांशक, भौर्ज, परितोष, ब्रह्मर्षि, कृतान्त, दशशताक्ष, अश्वखुर, विनति, आभग, कुटिलकेशी, राघवपाण्डवीय, अवली, वसुविद्, सत्यवादिता, प्रतिलङ्घ्, वनिता, अनुनय, स्त्रीजित, निर्वसु, मुक्तावलि, सत्तम, शरीरिन्, ज्ञाति, निर्दलन, उद्धर्, सुसत्कृत, भयानक, विवर्तिन्, अक्ष्, महाराष्ट्र, सद्गुण, नृषदन, गिरिपति, तनुत्याग, अनुपूर्व, शतपथ, जन्, मदिराक्ष, शठबुद्धि, अवजि, सुकान्त, प्रवात, संयुत, श्याम, अलक्त, चित्रगत, लोकमय, अभियाच्, कुचर, पापकारिन्, संवरण, तैर्यग्योनि, पितृव्य, प्रशुच्, प्रतीघात, निर्विधित्स, विहर्तर्, दर्, व्याड, कपिञ्जल, निक्रमण, छिद्, पूर्णचन्द्र, सत्यगिर्, विकर्ण, माङ्गलिक, दिवादि, सैनापत्य, हुलुहुलु, शीलिन्, इर्य, धर्षण, हरिमन्त्, सूक्ष्मदर्शित, नम्रता, प्रतिलिख्, स्फाति, सार्वकाल, हरिहय, लम्पट, पतत्र, शिष्, गोलक, पञ्चशाख, स्वराजन्, अतिदेश, श्रावस्त, नेद्, त्रैलोक्यदर्शिन्, ऋघावन्त्, विद्युन्मालिन्, दिक्चक्र, दिदिक्ष्, प्रतिकर, त्वक्षस्, पथिस्थ, गोदुह्, इन्द्रजा, पिष्, पदशस्, लिप्, स्यूत, उपलोभय्, पश्चात्पुरोमारुत, कनीनक, उज्जयिनी, स्थेयम्स्, महान्त, यार्हे, समाश्रि, मेचक, आलु, अनियन्त्रण, अवमानन, मर्द, एकविध, दिविक्षय, देवराज, सोच्छ्वास, समेत, समारम्भ, शण, व्यञ्जक, लोकनाथ, तरूषस्, भर्तृप्रिय, आधि, तृप्तिमन्त्, उपहरण, परिणामिन्, वितरण, शॄ, दीदिवि, प्ररुह्, असमग्र, मुष्, शौच, निःशुक्र, नृत्यप्रिय, भञ्ज्, वस्तु, प्रक्रान्त, प्रायाणिक, सप्ततय, वात्या, उपहर्, आगम, परिव्यय, प्रतिशर, सत्यलोक




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