अपमार्जन

अपमार्जन
अपमार्जन /apamārjana/
1.
1) очищающий
2) устраняющий
2. n. см. अपमार्ग I




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विनाशय्, काञ्चीकलाप, विशृङ्ग, भेषज्य, भन्द्, आदिम, भैक्षचर्या, वेताल, समानराग, देव, परुष्णी, दिनभर्तर्, व्यद्वर, कुल्मि, भस्मित, शूद्रा, किल्बिष, पारिकुट, रम्भिन्, महात्मन्, विपट्, निःशस्त्र, प्रपात, दायाद, अयथार्थ, पराक, वैजात्य, पयोद, निवारण, ग्रैवेयक, क्षेत्रपति, वेशवधू, प्रतिभान, आह्लाद, जनित्र, ग्रहणान्त, पर्वसंधि, अत्हा, नैरपेक्ष्य, वृक्षादन, वायुमय, प्रतिसंधान, तथावीर्य, मयोभु, आख्यायिका, वाक्क्षत, प्राधानिक, शुष्कत्व, पाशुपाल्य, संमनस्, विद्वेषिता, सौदर्य, नालीक, प्रदीप्, दातृत्व, सन्मन्त्र, नैघण्टुक, प्रसर्ग, सुपुष्पित, परिलुड्, ह्रीति, यशस्, निध्या, तासाम्, समुत्पत्, अवलम्ब्, निरघ, चञ्चा, कात्यायन, उपस्थित, अगुण, ज्ञानेच्छाक्रियाशक्तिमन्त्, उपप्रहि, अवकर्तन, जातेष्टि, अकव, बृसि, विरुज्, शितधार, कुलदेवता, विचर्, विक्लेद, शिञ्जिनी, धार्मिक, आकरय्, अभिरुचित, नीरक्त, विष्टि, मलौअभूभृत्, सर्पिन्, वेल्ल्, खड्गपाणि, संघट्ट, अवपात, क्रुध्, खिद्, वीणा, वेतन, अस्माभिस्, कलश, त्रिकाल, अभ्ये, सारवत्ता, शेषस्, रसातल, नाट्याचार्य, वरिवस्, हेर, किंकर, प्रवचनीय, पुष्कलावत, शृत, श्लथ, प्रतिप्रिय, जनमेजय, हरदग्धमूर्ति, दूतक, रचयितर्, क्षौणीधर, प्रवदन, वक्रभाव, बोध, वृषदन्त, अभ्यास्त, कन्त्व, प्रसन्नसलिल, शिरःशूल, °चूलक, बीजवाप, विभय, अनर्घरघव, स्तम्ब, समरेख, सदावृध, श्वित्र, जेष, धर्मिन्, विनेतर्, प्रहि, स्वर्गौकस्, सुसंवृत, इज्या, प्रायेण, स्तर्, °विदारक, अतट, परक्षेत्र, प्रकृतिष्ठ, शरीरयात्रा, मुखपङ्कज, पाक्या, जाम्बवती, पतिंवरा, भास्, नड्वला, जागरूक, निःष्ठ्यूत, महास्य, भक्ति, संसद, व्रतस्नात, सुभद्रा, अभिशंस्, केतुमन्त्, पुंपशु, लिखितर्, पारग, अपथ्य, रिरंसा, मणिरत्नमय, श्राद्धभुज्, जलशय्या, विपाठ, पयोभृत्, पेलव, भिक्षान्न, पैण्डपातिक, विसर्पिन्, तटाक, श्ली-पद, सद्यो°, श्वितीचि, यथाकाल, धनंजय, ब्रह्मवाद, कन्दुक, जन्य, प्रतिजन्, निदह्, स्तम्बेरम, अविका, आचर्, सपक्षता, मातरिश्वन्, ऊरुजन्मन्, उपगीति, चतुःशत, संचल्, तविषीयु, उत्तुङ्ग, प्रक्रय, व्यावर्, आभू, सुप्तक, स्विष्ट, धर्मक्रिया, होम
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