उत्पश्

उत्पश्
उत्पश् /utpaś/ (формы см. पश् )
1) смотреть
2) предусматривать
3) ожидать




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निपर्, लेशतस्, तन्द्र, रस, संयोजन, सदोगृह, ऋतवन्त्, सुवेद, प्रज्ञातर्, नागशत, अश्रोत्र, तुवि°, पञ्चजन, दण्डयोग, पटिष्ठ, अप्रकेत, दीर्घदर्शिता, , परिवेषक, व्युद्, शातकुम्भ, संदिह्, दुर्धर्षत्व, नट्, अनुमील्, आपात, नलकिनी, चमूपाल, दन्, गाध्, ककुद्मिन्, साहस्र, आतिथ्य, धी, पर्यन्त, रातिन्, हविष्कर्, कर्णवेष्ट, अमृक्त, व्यापाद, रुवथ, प्लवित, पायिन्, गण्डु, सुलक्षण, उपस्तुति, शुभाशुभ, पणबन्धन, सुकृत्, नाटी, शिरसिरुह, सनायु, सार्वकाल, दण्डधार, द्विपिचर्मन्, अनुदिनम्, माहिष्मति, स्पर्शक्षम, हास, दवानल, तद्वत्, ऋद्धिमन्त्, उत्कोच, प्रलोभन, नपुंस, मेघजाल, तरुणी, कक्षा, ब्राह्मणब्रुव, त्रिलोक, उपाश्रि, प्रीतियुज्, दायक, मेधाविन्, महर्षि, पृथिवीपति, अधृष्ट, रथेष्ठ, अन्तरिक्ष, शीतालु, अतिप्रबलिन्, लिप्ता, दिगधिप, प्रतितरु, देववधू, उष्णरश्मि, और्ध्वदेह, तस्यै, रंह्, पद्मिनीपत्त्र, क्षेपणिक, अनवसिता, गुरुतल्पग, बलमुख्य, भीषण, ध्वनि, कथित, दुरापन, वचस्यु, सर्वत्र, स्वनुगुप्त, पञ्चशाख, आयतन, काञ्चनमय, तविषीमन्त्, वेणुयष्टि, गोयान, दिधक्षा, गुह, सुविध, धराभुज्, आपस्तम्ब, शोणित, मीनकेतु, निन्दितर्, अन्यथाप्रथा, जनिमन्त्, देवहिति, सिराल, पद्मषण्ड, परिदर्श्, सुरारि, सुज्ञान, सेनजित्, विभर्, विष्णुपत्नी, ऐशान, वैरोचन, पन्था, नीड, अनरण्य, प्रथीयंस्, नृम्ण, तृणवन्त्, इज्य, प्रसङ्गतस्, नाटकीया, संवरण, विचक्ष्, अज्, महस्विन्, मृड, प्रत्यभिवद्, सुकथा, बर्हिषद, आलु, वाताश, पञ्चनद, किशोर, निर्वाक्य, अपरा, पुण्यपाप, सकलेन्दु, आश्वलायन, वल्गा, अध्यापक, ब्रह्मसव, यौध, तदनन्तर, विघात, ऋक्ष, बुभुत्सु, विभवन्त्, खोट, वार्द, हिमा, पालयितर्, श्नप्त्र, देववीति, स्थाविर, प्रापय्, शिशिर, पाप, प्रपतन, अर्घ, खट्वा, द्वार्बाहु, मुख्यसदृश, अनन्तता, शिञ्जिनी, परिपण, दंश, शक्र, लङ्घय्, सृत्वन्, विभिद्, सृज्, निर्जीवकरण, शुष्म, आनृण्यता, प्राणनान्त, योध, कमठ, पोताधान, वृन्द, विचित्रवीर्य, दल्, कीचक, सप्ताह, बाष्पसालिल, सु-लभ, जिह्म, वेपथु, महाकाव्य, शाक्मन्, मन्मथानल, प्रतीड्
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