प्रपाठ

प्रपाठ
प्रपाठ /prapāṭha/ m. раздел, глава книги




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अनुब्रू, मणिमाला, वनिन्, अपाञे, हेष्, पञ्चसप्तति, अमी, क्रोष्टुक, तोयधर, अविनाशिन्, दृढमुष्टि, शेष, शाक्र, कापालिन्, शिखाभरण, व्यवसित, जीवपुरा, पञ्चाङ्ग, उपयाचित, वृज, संह्लादिन्, वर्ष्मन्, मर्त्य, पांशन, सायक, आसू, पुलोमजा, धृष्णुत्व, दिनोदय, शीर्य, उपयान, वासभवन, खल्य, तस्कर, अपयान, अकीर्ति, अयज्यु, नीतिशास्त्र, कशीका, मत्स्यपुराण, सोमवन्त्, द्विजाति, समन्त, स्वाच्छन्द्य, विशोधन, महाकुलीन, मंहिष्ठ, मूलफल, नम, निघर्ष, सजल, सध्रीचीन, द्वर, चैत्रविभावरी, शौरसेन, निचि, प्रेक्षणक, मुकुन्द, विफलत्व, मृताङ्ग, विपण्, काष्ठा, भृगुतुङ्ग, एण, दिङ्मुख, नर्मन्, संत्रास, वर्चस्य, नवनीत, मादक, प्रफर्वी, संबय्, प्रातस्तन, त्रैमासिक, विद्वेषिन्, संह्वा, रुक्मवक्षस्, अतिसर्ग, परिगम्, अवस्फूर्ज्, दरी, देवनामन्, समृति, संयोजन, डम, सुसीम, विभ्रष्ट, उत्क, वसुधापति, सुखाभ्युदयिक, सती, शैलशिखर, परिक्षय, आपस्तम्ब, प्रत्यब्दम्, बर्ह्, तप्, तदनु, कर्तर्, परिमुच्, भीतिमन्त्, सुकुमारता, निवप्, आयम्, सायुज्यत्व, आकल्प, अवज्ञा, उपयु, संपूर्ण, क्रियायोग्य, उक्थ, प्रतिपालिन्, पेशल, धर्मयुक्त, वस्, प्रलभ्, °धारक, शालि, श्याव्या, दुःखभागिन्, वार्त्तिक, मोचन, उपकार, प्रियजीवित, अलेपक, विवश, त्रिशीर्षन्, पिण्डरक, सवासिन्, परिकल्, विमुक्तकण्ठम्, द्रु, निकुट्टन, पूजा, इज्य, दुष्प्रधर्ष, संवीत, क्षेप, विपरिणाम, निषेवितर्, षाड्गुण्य, वातिक, घृणिन्, अवनह्, दिनकर्तव्य, वामलोचन, प्रस्ना, शुम्बल, निराक्रिया, ऊह्, नोनुव, देहेश्वर, छन्दन, यज्ञमुष्, सारल्य, प्रदिह्, स्पर्शक्षम, घर्, दोषातन, सनन्द, सद्योभव, ब्रह्मनिष्ठ, बन्धुकृत्य, त्र्यंश, अभिधा, निवर्तन, महामणि, व्याज, गविष्, नटक, ख्यापन, कुञ्जरी, आपि, सुविद्वस्, जलचर, बलज, प्रवाह, आसन्न, पक्वता, होमकाल, विकत्थन, प्रतप्, दुष्कृत-कर्मन्, कनीयस्, अक्षत, लुलाय, मज्जन, निषेक, सामान्यतस्, अवयव, दंश, करिणी, चित्रलिखन, अभिजल्प्, वाम, ब्रह्मदान, मन्दिर, क्षुध्, वाम्य, उद्भिद्, महापङ्क्ति, सूतक, अक्षमाला, दीर्घ, ओम, तेजस्, पुष्पवृष्टि




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