कपीश्वर

कपीश्वर
कपीश्वर /kapīśvara/ (/kapi + iśvara/) m. nom. pr. Повелитель обезьян—эпитет Сугривы; см. सुग्रीव




Случайная выборка слов

दिवातर, लाञ्छन, महीपति, क्रेय, तुविस्, सांवत्सर, मरु, श्रवण, देवदर्शिन्, यावद्धा, सप्तवध्रि, निर्बन्ध्, दुर्मर्ष, आश्रमस्थान, आनन्तर्य, उत्तरपक्ष, सूर्यरश्मि, दुराक्रन्द, तत्क्षण, पाशबन्धक, कौशिक, उपकल्प्, प्रतिगेहम्, कलशोदक, संहर्, बोधयिष्णु, तुरंगमी, समाव्यध्, नितम्बस्थल, सव्रीड, आधुनिक, जगदीश, प्रतिपक्षिन्, लप्, अयास्, अर्चन, ग्रभ्, निकामन, अमुतस्, षट्त्रिंचत्, विवेकज्ञ, कला, अविदित, दक्षिणारण्य, रेफ, कल्पन, प्रज्वल्, आनील, प्राक्, द्वीप्य, व्रतलोप, प्रक्ष्, पोत्रिन्, °भोजिन्, गोत्ररिक्थ, वेष्क, एकचित्त, संहस्, युधिष्ठिर, स्नायु, माघ, अपाङ्ग, वराह, महानदी, अभिमर्, पराश्रित, रोगहन्, शोकपरायण, प्रसभ°, जागर, शुभदिन, मना, जिज्ञासा, अनुनासिक, रुग्ण, निदर्श्, परेत, सपरितोषम्, निदर्शन, आवृत्ति, त्रिषाहस्र, स्वर्गकाम, परिमिताहार, विधेयी कर्, सुधन्वन्, छन्द, नृषद्वर, पाक्षिक, क्लम, सामर्थ्य, धनदण्ड, नियम, अविष्या, दूरस्थित, क्ष्मापति, नो, महाहस्त, वधत्र, नड्वला, °पतिक, प्रशस्त, सञ्जन, प्रणति, नवनी, कोण, सप्ताङ्ग, कति, निस्तोय, श्रुतबोध, नैषधीयचरित, हव, अरविन्द, निरामिन्, नीरद, समूह, हस्ताभरण, भूमण्डल, अभिरु, सानन्द, तृध, कालपर्यय, विसञ्ज्, अन्वि, उत्तेजय्, सीरा, सुता, सामीप्य, ब्रह्मनिष्ठ, सारमेय, निवर्तन, लघिष्ठ, धूपय, वाशक, सूक्ष्म, सप्तदश, समीड्, यामिनी, पूर्वभाव, परिशोष, स्तव, विगलित, वध्र, खण्डधारा, विदलन, ईशन, लक्षिन्, अगाग्र, श्यामाक, अवमानना, निर्मान, °शीवन्, उपस्तु, अकरुण, मर्मज्ञ, सज्जन, कल्याणलक्षण, माल्य, कपि, संमनस्, प्रार्थ, अधिक, नैर्गन्ध्य, प्रतिकार, तीर्थयात्रा, केरल, जाम्बूनद, अनुकर्ष्, वर्ध्, शारीर, प्रणाडिका, प्रहर्स, परिषद्, आसन, उत्कीर्ण, अवस्, विभूषणवन्त्, तुषारकिरण, लस्तक, प्रियव्रत, किर्मीरित, जलवन्त्, अतिरम्, कृमिक, स्रावण, अवसादन, वाजसाति, विकर्मस्थ, निरीह, प्रभृति, ऋजीति, उन्मत्त, रध्, अनन्विष्यन्त्, पदान्तर, संवलन, पातर्, नगरिन्, मांसन्वन्त्, कृत्रिम, नभस्, वर्धितर्, भयस्थ, कृषी, सनक, शुम्बल, शुच्, दुरोण




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


сборка мебели, литовский словарь