विकर्ष

विकर्ष
विकर्ष /vikarṣa/ m.
1) натягивание лука
2) грам. анализ
3) отдаление




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सो, द्रप्स, पार्ष्णि, हर्ष, चौर्य, शक, भविक, हरिवन्त्, नामानुशासन, सूर्यप्रभ, पन्नगारि, आह्लाद, विगर्ह्, पच्, पुनःपाक, रेपस्, चर्चा, उपनदय्, अभ्र, स्वगत, सितकर, वचस्य, क्षोदिष्ठ, भेदकर, पद्मपुराण, सरसी, अभिविपश्, वेदस्, पौरजानपद, वितोय, अर्थशास्त्र, मान्त्रिक, मनस्, संजूर्व्, संसिच्, प्रभावतस्, कीर्तियुत, निर्वापण, कृष्णी, ध्राज्, मनोहर, तिलाम्बु, कुलीन, प्रणीताप्रणयन, अनुदात्त, भर्गस्, अमल, राजपुत्रक, तानूनप्त्र, परिस्खल्, स्वाद्, अनपेक्ष, पयःपूर, समायम्, क्षेत्रिन्, विदूषक, बीजक, निनी, पपुरि, श्वन्, असमृद्ध, निशोत्सर्ग, परितुष्टि, मंहना, परासिच्, आसेव्, जिगमिषु, मदनमह, इतर, आसन्न, विक्रोश, फाल, स्मृति, स्तोतर्, सत्यधर्मन्, संमार्ग, दीप्तिमन्त्, करुणध्वनि, श्वपच्, सज्जता, नीरव, विश्वतुर्, गाहन, संवास, जात्य, मृगव्याध, संभोज, द्व्यंश, तृषार्त, नेयार्थ, साग्र, ठकार, प्रतीत, प्रतर्क, सप्तथ, निरधिष्ठान, स्पर्श्, परिहर्तव्य, उद्द्योत, वृध्, तीर्थिकर, ल्+कार, विशस्त्र, हर्मुट, पुलस्ति, श्वठ्, सत्यवती, प्राणवन्त्, तृणजलूका, रजस्वल, सस्य, गुल्फ, प्रातःकार्य, तिरो°, शिखाजट, चातक, मृद्, मध्वाशिन्, अरिक्त, स्फाति, लिन्दु, रक्षस्, यानपात्र, हीन, कङ्कण, पुत्रकार्य, पुरुषसिंःअ, लोकय्, एकैश्वर्य, निर्भेद, भारभृत्, निदानस्थान, स्वेदलेश, लटभा, दृष्टान्त, स्थापक, शीत-दीधिति, लोमकीट, राजपुत्रा, विशल्य, सक्म्य, निस्त्रप, वितनु, त्रिपुरद्रुह्, पारत्रिक, भ्रुकुटि, तत, वाजयु, आवर्ज्, भुवनत्रय, अनवच्छेद, अनङ्ग, नीरुज, कालकुट, करङ्क, हेडस्, अमरकोश, प्रविरल, अप्रतिमान, नाग, यावदर्थ, अपराजिता, ग्रीष्म, प्रहस्त, दानशील, निमित्तकृत्, मध्यदिन, बाध, कठोर, विसूरण, निस्तेजस्, सौरभ, श्रवस्य, प्रकिरण, रात्रिशेष, अस्कन्न, संनह्, सावर्ण, अनाविद्ध, त्रिजगत्, मध्यमक, शार्वरी, निरुद्विग्न, तक्मन्, व्रीहि, औत्कण्ठ्य, रूप, वाक्संयम, दुरभिप्राय, प्रहरण, प्रत्यासन्न, सोमयाज्ञिन्, मृगलक्ष्मन्, प्रोक्षण, त्रिरश्रि, मरीचिमन्त्, दुर्निमित्त, शीभ्य, निर्विशङ्क, विसर्पण, पर्यान्त, कुबेर, महाप्रभाव, क्रन्दनध्वनि, एकान्ततस्, विनष्टि, महारात्र




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