राज्°

राज्°
राज्° /rāj-/ см. राजन्




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नरराज, विलस्, नेष्ट, राजपुत्रक, शतवन्त्, अक्षिपत्, विरावण, अभिवाद, विवाचन, लोपन, वया, अक्षवती, पतिंवरा, अप्रतिमेय, गोधा, अवद्य, नृयज्ञ, प्राक्तस्, शीतमय, असत्य, सजोषस्, व्रिश्, शैखिन्, अनभिशु, ताम्रिक, निर्घोष, दुर्बल, वाणिज्य, चातुर्वर्ण्य, सौश्रवस, आहरण, त्रप्, मच्, वषट्कार, कुलायिन्, सह्य, अलस, साक्षेप, हूरा, एकत्व, ज्योतिःशास्त्र, समस्त, सप्तकृत्वम्, प्राव्, प्रातस्तन, आर्यजुष्ट, ऋणप्रदातर्, चक्रनाभि, सुरालय, क्रयविक्रय, दिननाथ, निकुट्टन, शोचिष्ठ, मित, न्याप्लु, विच्युति, प्रतिवस्तु, सत्रासह, मुच्, अश्विनी, विद्विष्टता, अर्धपीत, नीवार, सप्रज्ञ, धर्मकोश, शब्दकल्पद्रुम, वन्धुर, द्यावा-पृत्हिवी, परिचित, अविशिष्टत्व, अधर्ष्, कलकल, स्नेह, यौवनस्थ, घण्टिन्, रमणीयता, केरल, दुरधिगम, प्रतिग्रहण, वाग्विदग्धता, हरस्विन्, निर्वाद, भावयितर्, मतिहीन, शितिवार, भिक्षा, तक्षशिला, परिहा, न्यूनत्व, अर्या, स्त्रीत्व, निर्जन, शुद्धि, अनाख्येय, अन्वर्थ, रक्तता, विशारद, मयस्, शुद्धहृदय, कलापक, समाप्तिक, उपघात, तोयाशय, घातनी, स्थातव्य, व्याघात, भुर्वणि, प्रतिनिर्यत्, तन्त्रवाय, प्रतिवर्ष्, वनोपेत, अक्षुण, चिकीर्षित, नवसप्तति, वडवाग्नि, पङ्गुल, शुचि, संपच्, वारनारी, देवजुष्ट, पतिमती, विरागवन्त्, नाभिजात, सत्कुल, क्लम्, दूराकृष्ट, स्थिरपीत, प्रकर्ष्, दण्डोपनायिन्, विकर्त्, अग्र, गविष्, गोपा, पदपङ्क्ति, विद्वल, छाग, विश्रवस्, मनुष्यजा, शुभाशिस्, पिञ्जली, वह्नि, दातृता, अदैव, त्वादूत, मुर्च्छ्, उपहरण, शीरी, सृति, सस्वर्, स्नायुबन्ध, जलोद्भव, अतत्त्व, परीक्षित्, प्रगृह्य, स्कन्धवन्त्, सुरुचिर, प्रसद्य, नैःश्रेयस, ततामह, अलोभ, बन्दिन्, संकथन, निष्कुट, सत्यधर्मन्, सुकण्ठ, निर्देश्य, वरेण्य, संवर्ष्, शुक्, अनुरुह्, यस्मात्, श्रमजल, शूर्, असुरहन्, विघस, द्वारपति, मर्त्यत्रा, व्यभिचार, द्वापर, सव, प्रावृण्मय, सैरावन्त्, चमर, अक्षपटल, ऐकार, अधरस्तात्, पिश्वसामय, अस्माद्, स्रिव्, इत्यर्थम्, तोद, श्रेयोमय, हद्, भक्ति-योग, विक्लेद, तुलन, चेटक, पुष्कस, यमराजन्, परिचारिका, बीजकाण्डप्ररोहिन्, समार्थक, धाम, विद्यावन्त्, उत्तरपक्ष, उपदेशिनी, कर्त
сборка мебели, литовский словарь




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