लज्

लज्
लज् III /laj/ (U. pr. /lājayati/ / /lājayate/ — X; aor. /alalajat/ / /alalajata/)
1) казаться
2) показываться, появляться




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उदश्रु, निरुद्योग, °नन्दनक, श्वैत्र्य, उल्लास, वत्सिन्, नश्, भल्ल, प्रतिनर्द्, °भाषिन्, नर्तनशाला, जन्मान्तर, भवीत्व, अन्तर्वत्नी, गरिमन्, विनिश्चि, विंशिन्, संवेश, निर्जि, दच्छद, दिग्देश, आह्वा, उक्ति, पटगत, छगल, वैजात्य, रेतोधेय, सुशीत, श्येनजूत, दुश्चरित, निकृष्ट, अतिवाद, गुडमय, समत्व, चर्मकार, क्रयिन्, शर्व, उत्साह, धियायु, सौभगत्व, अपप्रे, त्रिककुद, षाडविक, विपक्ष, हिरण्याक्ष, अधितन्, अदृपित, विबुध्, नृपातर्, परिमुह्, पारियात्र, तोयाशय, त्वद्, दुर्युग, अत्याहित, हिरण्यगर्भ, हव, समाकुल, आभा, सस्यावाप, पौर्तिक, पाटच्चर, गोष्ठ्य, श्रीवृक्ष, अवम, दार्ढ्य, पेश, प्रात्यन्तिक, द्युत्, देशक, संशप्तक, अनाश्रित, स्वक्षत्र, पितृकर्मन्, वासोद, विप्रिय, प्रपाठक, कल्, एकचर, आजीव, शमितर्, भारसह, अगृहीत, प्रवन्द्, सौहार्द्य, मर्श्, त्र्यर, बम्भर, वाशीमन्त्, स्त्रीहत्या, सृष्ट, त्रिशुच्, संस्मरण, पञ्चम, शोभिका, गूर्ति, जनेश, शाकुनिक, उसर्, काकुद्, बर्हिष्मन्त्, कुरङ्गलोचना, ह्वल्, संशीलन, नीरोग, वृष्य, श्रन्थ्, मयि, दिनोदय, विरोक, विहारवन्त्, नृता, प्रतिमुक्ति, क्षार, ससंभ्रम, शोभन, प्रतीच्य, वरुणलोक, त्रिसवन, अदाभ्य, तक्, पथ्य, दण्डका, पुलोमन्, वहतु, सुवर्णकार, स्वस्रीय, वामनता, राजाधिष्ठान, प्रातस्त्य, लग्नकाल, संस्तु, शौरि, अक्षर, मर्श, पवित्रारोपण, अष्टादशन्, विमोक्तर्, दुर्गाह्यत्व, हृदयेश्वर, स्वाध्याय, भावुक, निमेष, ऊधस्, विसह्, सप्तनवत, शूअपुत्रा, आदिन्, भगवद्गिता, चायु, हृष्ट, पवि, वरीतर्, हिरण्य, शुच्यक्ष, अविभावित, ग्रथना, अवान्तरदेश, निर्व्यपेक्ष, सितमणि, विचक्र, दन्तशुद्धि, यम्, गवल, निवरण, लब्धि, त्व, जयद, सत्यसंध, घर्ष, अनभिज्ञ, निर्धार, समुपेत, अवन्ति, ईषिर, कुटिलकेश, श्याव्या, प्रलपित, बहुपाद, मातृष्वसेयी, दिर्घमुख, नागशत, यथोचित, °भ्रुव, आमावास्य, निगा, जीवितनाथ, रक्षोहन्, पार्श्वगमन, वपुष, शल्य, रास्ना, दुःषन्त, पृथुजघन, धर्मवृद्ध, वरार्ह, गम्भन्, विटपिन्, बाहुवीर्य, मनोरथ, निरपत्रप, पदश्रेणि, प्रतिजीवित, वैदूर्य, अङ्गुलिमुद्रा, निबिडय, क्षिप्




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