निशाचरपति

निशाचरपति
निशाचरपति /niśācara-pati/ m. nom. pr. Повелитель странствующих в ночи (демонов)—эпитет Шивы; см. शिव 2 1)




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प्राणद, शशाङ्कलेखा, फण, श्रीमनस्, बृहन्मध्य, समे, मूर्छना, विट्, अकर्मक, प्रतिघ, जिह्मशी, पुनर्, निवेष्ट, गृहिन्, सत्यगिर्, नैदाघीय, प्रचर्या, शुल्क, ननु, हेमकार, अकृतसंकल्प, °विडम्बिन्, पुनःसंस्कार, सौम्यता, नौदण्ड, वनभू, वा, शान्त, परिवास, छलन, नृषद्वन्, भीषण, अध्रुव, लगुडप्रहार, वृजन, ग्रप्स, कारण, होमतुरंग, वेम, निर्भञ्ज्, प्रतिजन्य, सर्वविद्, वामतस्, रथाङ्ग, परिरभ्, आशीविष, पङ्क, शिमी, अमति, संचिति, सशर, फुल्ल्, आमाद्, अभिनिवेश, °लुञ्चक, भरत, क्षौणी, मधुप, प्रबन्ध्, एकोत्तर, चैत्त, दृशीकु, स्थापक, विचित्र, तपश्चरण, गोचर, वाशिन्, ऊर्ध्वकर, विप्रवास, सुकृत, क्षण-दा, नादित, यकार, दिनकार्य, भूमिगत, देवयज्य, प्रजु, अज्म, अदोष, संभर्, परिक्रम्, रामी, युति, पथिभ्याम्, निःसुख, स्थानिन्, शार्दूलविक्रीडित, गुहाशय, स्वनुगुप्त, अनागतविधातर्, बण्ड, खोर, गौरमृग, अभिभूष्, वरक, निशानाथ, स्म, कृत्रिम, औपल, युद्ध, पृथुश्रवस्, ढौक्, शुभ्रता, क्षीरप, रूपशालिन्, पिश्, अपास्, दष्ट, दुर्मद, सप्तविंशतितम, लोकोत्तर, यम-सू, पूर्वप्रज्ञी, प्रत्यायना, व्यायम्, अचोदित, श्येन, कालिमन्, तावच्छस्, दुर्धर्तु, मन्त्रवन्त्, पञ्चविंशतितम, सत्ति, जयेश्वर, चोलमण्डल, लोचनपथ, संचक्ष्, परिहर्, दुःखशील, क्षुम्प, धात्रेयी, उच्छेत्तर्, आचमन, वशतस्, प्राग्जन्मन्, चन्द्रार्ध, दुष्प्रवृत्ति, प्रमार्जक, आश्विन, निम्नगा, प्रजल्प, अलघु, संप्रतीक्ष्य, बन्धुल, मातुलेयी, विहृत, जनमरक, व्यस्, शाल, मन्दपाल, दवीयस्, पूत्, वयस, पुण्यात्मन्, सगर, नृवत्, उपसेचन, पर्यावर्त, पार्श्व, समुदाहर्, कथा, पदाङ्क, विफल्, महाबृहती, उस्रिया, दुस्, दुर्वारण, ततामह, जलायुका, त्वादूत, कारा, नमस्, शाखामय, उपाव्, स्वीकार, बल, उद्वेगकारिन्, संस्मरण, सद्रत्न, इरावन्त्, वङ्क्रि, जनान्तर, प्रश्रय, अनुजा, धूमानुबन्ध, अत्यन्त, निस्रव, वैमत्य, तुहिन, विचारिन्, दुर्बोध, धाराश्रु, दूरेभा, अन्यकर्तृक, दूरपथ, चिन्तन, तनूनपात्, संप्रदिश्, , उत्तरदायक, वरतनु, जलदक्षय, कृतकार्य, पुष्ट, प्रकल्, संचिन्त्, क्रविस्
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