भ्रंश्

भ्रंश्
भ्रंश् /bhraṁś/ (A. pr. /bhraṁśate/ — I; Р. pr. /bhraśyati/— IV; fut. /bhraṁśiṣyati/ / /bhraṁśiṣyate/; pf. /babhraṁśa/ / /babhraṁśe/; aor. /abhraśata/, /abhraṁśiṣṭa/ / /abhraśat/; pp. /bhraṣṭa/)
1) падать
2) разбиваться, разлетаться
3) избегать




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जीवनक, शङ्कुमुखी, सधूम, पायु, तडिल्लेखा, अङ्गुलीय, शीघ्रग, धार्तराष्ट्र, अजस्र, संध्यावन्दन, सु-लभ, मेलक, सपङ्कज, शुक्लापाङ्ग, शाकुनि, ऋतया, निस्वपय्, प्रवर्तन, तात्य, महाघोर, नक्षत्रेश, भसद्यु, निर्वप्, भृगुतुङ्ग, अवधीरण, झम्प, अधिसंवर्त्, देवयजन, महारत्रि, अपद, स्वस्थान, प्रतिग्रामम्, संभूति, विकेश, पौर्वकाल्य, स्तोम, उत्पाद, आकर्, शोकार्त, ब्रह्मभुवन, मोक्षण, अञ्जना, दस्यु, बुद्धिकृत, जन्मप्रतिष्ठा, प्रभाविन्, याजक, योस्, अश्रुत, सुज्ञ, पन्न, विहृत, राजधानी, जुगुप्सा, कासिन्, समानप्रतिपत्ति, शाण, संतेजय्, अतिशुद्ध, अनपेक्ष, सर्षपमात्र, युग्म, प्रतिजीवन, शास्, अभिबाध्, समालभ्, वसुधाधिप, जयघोष, प्रपठ्, वाहिनी, शास्त्रकार, शफवन्त्, चामीकरमय, अनपकारिन्, पुष्पित, निरुपपद, विमोच्य, परिस्तर, तीक्ष्णदंष्ट्र, माणविका, संभोगिन्, विष, तदनु, उपाध्यायानि, सुविभक्त, धूम्या, एकरात्र, शाल्, प्रियाप्रिय, निर्वाहक, परिकल्पन, लक्ष्मण, वृद्धयोषित्, वार्योकस्, कृपीट, व्रश्च्, सर्वानुक्रम, आख्यानक, हव्य, वनिष्ठु, दंशुक, प्रपतन, सुमत्, तडिन्माला, शौर्य-कर्मन्, पार्ष्णी, व्रण्य, माथ, परवश, अधिवस्, विज्ञानवन्त्, पाङ्क्तेय, त्रयस्त्रिंशत्, संघट्ट, भ्रमण, गोस्वामिन्, खा, अदृश्य, गोयान, महनीय, अतिपात, आया, यथा, द्योतनि, नोनुव, विकर्तर्, त्रिशत, निग्राभ, आसू, स्विद्, विकिरण, अप्सस्, निर्यापय्, सुरलोक, सुष्टु, कुलायिन्, °निभ, दुर्विज्ञेय, नभस्तल, शर्कर, गर्व, बिल, प्रतितरु, उपेय, सुष्टुत, शून्यचित्त, ङकार, जिह्मशी, वाराणसी, गोविन्द, लिपिन्यास, समय, आक्रन्दन, टङ्क्, °चूलक, शतसहस्र, लाङ्गूल, शुष्क, अस्ता, एकश्रुति, बाल्य, माहिन, लाभालाभ, निराकृति, काम्यक, अन्तरङ्ग, धनिक, वरिमन्, निश्चेष्टा, विकस्वर, कौमार, क्षिति, अपिगम्, आबन्ध, कार्ष्ण, धनुर्ग्राह, बर्हिन्, शुद्धहृदय, क्लीबता, वज्रपात, अवसर्प्, बुद्धिशुद्धि, क्षितिभुज्, भूमीरुह, हस्त्य, सनितर्, अद्भुत, शीतांशु, तरंग, कुटी, संकसुक, दुष्टचारिन्, दत्रवन्त्, नेक्षण, उपेत, कालायस, कोकी, कविराज, संहि, दानस्तुति, रण, शूल, स्पृश्, हारी, संभज्, सव्य, ससाध्वस
сборка мебели, литовский словарь




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