अतिरुच्

अतिरुच्
अतिरुच् /atiruc/ (формы см. रुच् 1 )
1) сиять над
2) превосходить в блеске (Acc. )




Случайная выборка слов

निष्क्रिय, प्रक्रय, जापक, त्यज्, सकर्णक, पिण्डिका, वदान्य, विश्वभानु, अपेय, निरुक्त, छालिक्य, सौजन्य, घ्र्षु, उत्प्रास, रभस, पुण्ड्र, तूण, किंप्रभु, द्रप्स, तुषारपतन, तृणोदक, अवस्वन्, निष्पर्यन्त, वाजसनि, सप्तशत, शाक्त, अभिपूज्, समस्, बृहदुक्थ, रक्तचन्दन, स्वसृत्व, संमार्ग, पौरंदर, परिणाम, पद्मिनीपत्त्र, एनोस्, त्रिकाल, सटा, मा, नाकपाल, धनलोभ, उरभ्र, महनीय, निरन्धस्, वनिष्ठ, निशाहस, लप्सुदिन्, चेतन, मुर्मुर, लूक्ष, शुद्धपक्ष, सुत्रात्र, दुर्मन्तु, गमन, पठ्, सुबुद्धि, व्यत्यय, शैलमृग, सुरस्त्री, योनि, अन्धी, परिवर्तन, व्याख्यातर्, नखानखि, औद्वाहिक, परिचरण, विष, त्रि-कर्मन्, मित्रिन्, सामर्थ्य, वृषव्रत, भद्रकारक, श्रद्दधानता, आप्तवर्ग, विवक्षित्व, प्रतिरजनि, देवत्त, सविनय, हरिश्री, अनङ्गत्व, सुधृष्टम, गुरुकार्य, मंहयु, प्रतिचक्ष्, ह्री, विमूर्त, सयावक, सप्रश्रयम्, भक्ष्, कीचक, दिग्ध, नीरुज, त्रिकर्मकृत्, कर्णाभरण, कप, द्युत्, शतपुत्रता, प्राथम्य, पुड्, संक्रम, ग्लेप्, महासत्त्व, मकरालय, मोटन, निरुक्ति, चतुःशत, विस्यन्द्, अध्याक्रम्, विग्र, खश, संस्कृत, जगतीपल, आधू, प्रोत, श्रुष्टीवन्, सनि, स्थूललक्ष, रथाक्ष, दशन, अकर, धनुर्धर, दीक्षित, नन्दि, वाजसाति, रिच्, संलुभ्, कैवर्ती, सागरग, आनद्ध, विंशक, नपात्, सभ्य, संग्राम, प्रत्यूह्, कृतकर्तव्य, जयन्त, प्रतिवेश्मन्, शुभ्रत्व, अनुव्याहर्, तीर्थयात्रा, वित्तहीन, एकवसन, पुरा, प्रत्युन्मिष्, वेदरहस्य, नभःसिन्धु, सुकर्मन्, स्वजन, शिरस्त्र, भाटि, कच्, विश्वासिन्, निरष्ट, संवन्द्, लङ्घय्, तीक्ष्णहृदय, वैमात्र, परिवेषक, अपस्, सुजय, सर्ब्, भैषज्य, रिक्थिन्, संलक्ष्य्, नवनी, उपसिच्, ऐकार्थ्य, मिथ्यावादिन्, समुत्पत्ति, पराचैस्, वारमुख्या, यज्ञायुध, दुर्हणा, सुग्रीव, भूरिदक्षिण, मूत, विचिकित्सन, सत्यशवस्, कुथ, अभिश्रिष्, विरिच्, संदह्, हरायतन, व्यवस्था, एकादश, सविषाद, द्यू, समवली, शूर, प्रधर्ष्, तालफल, अर्थिन्, कल्प्, वर्ध्र, त्वक्षस्, भिन्दु, मुण्डय, एकपत्नी, नाकपति, स्वयम्प्रकाशमान, पुनर्भू, नु, कार्ष्णी, अधिगम्, आर्षेय, गुन्द्रा, क्ष्माय्




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


мастер на час минск, литовский словарь