अवकर्

अवकर्
अवकर् /avakar/ (формы см. कर् I)
1) покрывать
2) засевать
3) бросать; покидать
4) наполнять
5) А. распадаться; распространяться




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तरंगिणी, ग्राम, पिशित, दिनाधीश, पयोवाह, उत्पत्, स्वकृत, देहकर्तर्, संजय, नीरस, रजस्य, स्पर्, दुरवगम, बहुशस्, मासिक, नस्, लून, प्रात्यन्तिक, अस्मृति, अग्निमन्त्, पार्श्वगमन, औदार्य, परिश्रि, निरपेक्षिन्, अनुसरण, त्रयःषष्टि, पितृमन्त्, बर्हिःष्ठ, विदह्, नगाटन, वैखानस, औक्ष, संवाश्, करिन्, शततम, द्यावा, सामर्थ्यहीन, काच, समाचर्, श्रवणगोचर, प्रतिपूर्ण, स्राम, दार, दूरोह, हैमन्तिक, हृद्रोग, अतर्कित, शोधक, स्रुत्, द्वैविध्य, चिर, शैघ्रय, युग्यवाह, बाह्यान्तर्, वन-चर, भारूप, दग्धर्, हव्यदाति, हिंस्, कण्डू, परद्रव्य, प्रतिप्रवच्, अवभासन, वटक, उष्णत्व, आच्, कनीन, दरिद्रा, दर्वी, परीपाक, प्रेयसी, अरेपस्, विमोह, धर्मचारिन्, टीत्कार, साढ, कृतार्थत्व, सुदर्शन, परकीय, आग्निक, अविघ्न, समानरूप, असना, वनवास, वह्निमय, दर्शनगोचर, धम, धैर्य, पिष्ट, नेष्ट, हलभृत्, मारीय, आवेष्ट्, पुण्यत्व, भुक्तवन्त्, शुक्त, कच्, दक्षिण, प्रपितामह, विष्टार, निर्ममत्व, दीर्घरोषता, अपचर्, वार, मल्ली, महारात्र, हर्यत, काय, निरीहा, दूषि, कौपीन, कुञ्चि, विकर्तन, शर, परिमन्थर, प्रनृत्त, वयम्, अभ्यास्त, सच्चिदानन्द, डामर, वधर्यन्ती, तालफल, स्वाद्, आस्य, तृप्तिमन्त्, पृथुत्व, निनद्ध, प्रतिषिध्, निकर्तव्य, अतिष्ठा, अर्च्, °वर्षीय, पञ्चपाद, परात्मन्, चतुर्थकालिक, सुबोध, स्वल्पक, वेदशास्त्र, कृतार्थता, दशकंधर, भीमल, अनुवर्, विस्पन्द्, रसिकजन, हेतुत्व, सविक्लवम्, प्राग्वात, प्रतिवारण, खनन, प्रसिद्ध, सिध्म, स्वाच्छन्द्य, °धृक्, ग्रावन्, सुश्रोणी, भ्रातृव्य, मेला, दुष्कृतात्मन्, शरीरज, अदस्, विजृम्भ, उपसर्ज्, प्रालेय, शीतकर, अभिनभ्यम्, अचेष्टता, कमलनेत्र, उक्थ्य, यथायोग्यम्, मुण्डकोपनिषद्, विबोधय्, सुपुत्र, चल्, द्रविणोविद्, नडक, आदित्यवत्, मिथुस्, दैक्ष, वशग, हरिमन्, कोरक, मातामही, मेण्ठ, आकम्प्, कुशिक, डम्, सप्तवध्रि, प्राशितव्य, हस्तपाद, परिभेद, प्रत्यागम्, मस्करिन्, मन्दग, परिचर, कीचक, पारत, दुर्गता, उत्तमपुरुष, प्रसङ्ग, गतानुगतिक, सुतपा, औष्ठ, संदंश्, विच्युति, शठ, रद, °मथ्
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