वितृष्णा

वितृष्णा
वितृष्णा /vitṛṣṇā/ f.
1) см. वितृष्णता ;
2) сильное желание, стремление




Случайная выборка слов

नेजक, सुपुष्प, फेन, अगम्य, आदितस्, वक्त्राम्बुज, ध्वसिर, प्रजल्प्, संरक्ष, श्वोविजयिन्, सपत्नसाह, वैमत्य, बाह्य, उक्थ्य, मनोतर्, वारिधारा, विनिवर्तन, खोट, आहनन, विपच्, त्रिकालदर्शिन्, तीक्ष्णता, छल, एकविध, सह, उदच्, विधि, भयार्त, अश्व, ब्रह्मचर्याश्रम, राजवंश, स्नेय, समत्सर, सहायिन्, लोष्ट, निस्वान, ह्रीमन्त्, ऊर्जस्, दिवादि, मदनावस्थ, वद्, भृमि, महामत्स्य, प्रत्ययप्रतिवचन, हाटकमय, प्राणार्थवन्त्, अभिहु, उपाध्यायानि, धर्माधिकारणिक, संकथन, प्रत्यादान, परिक्षेप, आगार, संशब्दन, नित्यत्व, भवदीय, आभीक्ष्ण्य, अनुभू, विभक्तर्, सार्चिस्, पुराजा, पिष्टातक, भा, स्ववश, लम्पट, प्रत्याहरण, दुःसाध्य, निद्, नग्ना, मद्विध, दृष्तपूर्व, बिल्म, सवासस्, दूरोहण, वेशन्त, दौःशील्य, परिधाव्, पृथुदर्शिन्, जलौकस्, सुकर, वीतहव्य, आपर्च्, युग्म, निरर्थ, अच्छिन्न, निबध्, प्रजय, अतिदुःखान्वित, व्यचस्वन्त्, सेनाचर, इषिध्, पयस्पा, निवह्, असिधारा, शतहिम, द्युनिश्, महेन्द्र, प्रजागरण, चतुर्थ, तूर्णि, कशीका, निरुत्सेक, शठधी, वालुकामय, जलविहंगम, भयेडक, लयन, कुलाल, आज्ञाकरत्व, प्रपद्, भर्तृव्रत, पङ्गु, प्रमदाजन, अवछन्न, कलह, दुष्टचरित्र, वृन्दैस्, आकुल, प्रापक, नामय्, श्येत, असूया, शौल्किक, रोक, दीदिवि, दीक्षागुरु, विगामन्, अटवी, कन्यादातर्, पर्यालोचन, मार्ग, हरिश्री, चङ्क्रम, संचिन्त्, प्रातरित्वन्त्, हिमाम्भस्, संहितापाठ, जगद्गुरु, शरवण, पौत्र, सहन, विप्रलम्भक, महाफल, पूर्णाञ्जलि, पुष्टिकर, हृदिस्पृश, शुच्, साधारण, कौलिक, भूतता, पन्यंस्, मानव, °आख्यायिन्, व्यतिहार, दृश्, तोयपात, अवाच्य, शशियंस्, °वर्षिक, कामिनी, निर्वर्ष्, प्रदोष, परिक्री, शीर्ण, घास, क्षेपिष्ठ, व्रिश्, प्रतिकर्, परिहस्, अमरोपम, न्यासी कर्, नन्दिकुण्ड, विप्रकार, निर्वाह्य, हेतुवाद, साची कर्, पृष्ठक, दी, मातापितर्, कात्यायनीय, अनुसृत, दुर, अन्यूनार्थवादिन्, प्रत्यवसान, अबोध-पूर्वम्, धनवन्त्, निव्यध्, परिपन्थिन्, नैर्धन्य, श्वेताश्वतर, वैरी भू, व्यङ्ग्य, आज्ञा, एकरिक्थिन्, प्रतिगर्ज्, मारय्, पाथोधर, दुर्लङ्घ्यता, दक्षिणारण्य, सुसंशित, भुरण, निर्मोक्ष, वैकृत्य, ऋतया, प्रया, स्फटिक, व्यपरोहय्




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit