समाप्

समाप्
समाप् /samāp/ (формы см. आप् )
1) достигать
2) приобретать
3) быть причастным
4) завершать, выполнять




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तस्याम्, सुतेजस्, रत्नराशि, अपिबन्ध्, मायामय, नामधा, संनिधातर्, प्रत्यादेश, प्रमोदिन्, शिवादेशक, गतासु, वशगमन, अघृण, जवनी, निर्ह्रादिन्, द्व्यशीति, ब्रह्मचारिन्, दस्यु, केशवन्त्, धी, रण्व, पत्, नृपाल, बहुमानिन्, दानवन्त्, कक्कोल, नाभा-नेदिष्ठ, कालिक, सामन्, जलनिधि, उद्भ्रम्, विषम, सुष्टुति, प्रतिदण्ड, महाबिल, दाण्डिक, यादृश, दौहृद, दध्यन्न, वश, अवस्थिति, दुह्, प्रज्ञात्मन्, ध्यानपर, परिस्तोम, संकल्पजन्मन्, नीलाश्मन्, नियुत्, तैत्तिर, भस्मन्, धर्मसेवन, माक्षिक, सस्वन, शैशव, ठक्कुर, अवगाढ, अवश्य, मनसिज, श्वस्तन, अभिष्ठा, रभस्वन्त्, धृतधनुस्, अर्पण, रसप्रबन्ध, पुरंजय, रुक्मरथ, क्लीबता, छिक्कर, तादीत्ना, मुखश्री, अवग्रह, हृदयेश, नैदान, हेमकर्तर्, लवणजल, प्रतियोगिन्, दर्व, नेम, व्याचक्ष्, कार्यसिद्धि, एतदर्थम्, प्रज्ञता, विभाजय्, पर्वन्, अवख्या, अनुपद्, आशास्, पवित्रिन्, अतिदुर्वृत्त, चञ्चललोचन, अक्षम, जीवितान्त, धर्महानि, सांनाहिक, नीलपिच्छ, ईषिर, कौषीतकिब्राह्मण, श्वल्क्, हरिचन्दन, अभिज्ञा, उन्नद्, नृपत्नी, प्राणयात्रा, मुहुक, हार्दिन्, राजधर्म, महाप्रभाव, परंपर, °मनस्क, ब्रह्माद्य, कन्दर, ध्यानिन्, संरुच्, कणिका, अतूतुजि, मनश्चिन्ता, असुतृप्, वैशंपायण, मर्यादाभेदक, उत्पादय्, समालोक, उपश्रि, रक्षपाल, रजनीरमण, धानन्, लङ्घन, वारिपथ, कीकट, देवयुग, उपांशु, ऋतवन्त्, जलोदर, चात्त्र, भ्रम, उदीची, व्रणन, शिक्षण, जुष्, अतिरम्य, श्वेतपक्ष, कूटशासनकर्तर्, उज्जेष, तदनन्तर, तोयचर, निपाद, लोकेश्वर, पराक्रम, परिच्छेद, गुणग्राहिन्, कुलीर, सुभाषित, हण्डे, प्रलयान्तग, दायाद, तपोवृद्ध, मतिप्रविवेक, महामख, संमान्य, नेपाल, मुण्डितशिरस्, उत्सद्, आर्धधातुक, उपशम, शक्तर्, समाघ्रा, छद्, नरदेव, वाप्य, तृतीया, निष्कृत, उपस्थ, सारासार, सचित्त, प्रलापिन्, रूक्षवच्, प्रबोधन, अप्यय, काङ्क्षिन्, पारी, संप्रयम्, प्रतिक्षेप, प्रयुत, वाक्यपदीय, लौल्य, संराधय्, सितांशु, दुश्चर, प्रतियत्, न्यक्कार, नकुल, कोसत, दासजीवन, प्रावेप, उपलप्रक्षिन्, मस्तुलुङ्ग, विपर्यास, षड्भाग, सुचक्षस्, विशेषवन्त्, समरमूर्धन्, श्रुष्टीवन्, अनभिलुलित, प्राग्जाति, चित, चिकित्सन, अज, रथ




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