शोष

शोष
शोष /śoṣa/
1. (—о)
1) осушающий
2) разрушающий
2. m.
1) осушение
2) засуха
3) сухость




Случайная выборка слов

शस्त्रिका, विनियोग, द्रविणोद, संसिच्, कैलास, मेहना, अश्, प्रत्युपया, द्वैप, दूत्य, दूरदर्शन, बहुल, निलय, द्रविण, दृष्टि, अकुल, शुश्रूषण, स्वकाल, दक्षिणा, मदोदग्र, पञ्चशीर्ष, उपब्धि, साध्वसाधु, विगर्हण, चिद्, वह्निमय, हैरण्यवासस्, वयोऽधिक, जीवसू, दैव्य, श्रेष्ठता, धोरणी, वीर, महाराज, द्यावाक्षम्, वान्ति, मनना, कृतार्थता, स्नेहन, सुदुःख, नग्नक, इषुधि, दूरोह, देवहूति, पुरूरवस्, पूर्वविद्, कर्णिकार, महामन्त्रिन्, नैकरूप, अष्टधा, वामा, जलजकुसुम, सतस्°, झञ्झा, खल, वर्षवर, कार्याअर्थिन्, धर्णस, देवेन्द्र, महिष, सबर्दुघा, शकुनज्ञ, स्वाधीनता, अनुह्वा, भिन्नत्व, सितरक्त, परिपीडन, शिथिली भू, बिडालक, स्थिरमति, चारुनेत्र, अन्वाप्, इमे, युक्तिमन्त्, सध्री, रुशत्पशु, दुर्मनस्, जरणा, शृङ्गान्तर, प्रत्युद्गमन, वृक्षवाटिका, पुरद्वार, समारोहण, लिप्, गम्भीर, परोरजस्, उद्वा, राजपुरुष, विभावरी, सर्वौषधि, कलहप्रिय, हयिन्, आविद्वंस्, महादेव, इज्य, ब्रह्मण्य, शूलिन्, विलम्बिन्, उक्तप्रत्युक्त, कृशानु, स्तोक, सूर्यबिम्ब, जैमिनि, आत्मसंस्थ, मूर्तिमन्त्, द्विपाद, भद्रक, जातकर्मन्, सुकृत्वन्, प्रस्रव, चिन्तापर, उद्धर्, धनसंचय, रोमाञ्च, राथ्य, भ्रूण, उषर्बुध्, नवर्च, निवर्तनीय, भद्रपाप, त्रिविध, दुश्चेष्टा, दशिन्, कलकल, प्रत्यक्, मधुच्युत्, एकवचन, अपम, अकर्मण्य, जल्पन, प्रायत्य, -आशिन्, तुरंगमी, नाडि, राजधानी, काकी, नानारूप, सिद्धिमन्त्, त्रिवर्ग, अधस्तात्, वाजयु, मधुप्सरस्, उपग्रभ्, जरत्कारु, ऋतवन्त्, पैतुदारव, अवगुण्ठन, आभज्, योद्धर्, पितृत्व, नयकोविद, उपश्लिष्, वयस्यक, सैनापत्य, असद्ग्रह, आस्, प्रगा, नादेयी, °हिंसक, पादवन्दन, त्र्यनीक, अभिभाषिन्, शौर्यवन्त्, रत्नच्छाया, पर्वतोपत्यका, शनैश्चर, क्षुरकृत्य, अनाश्रित, पतंगराज, आस्कन्द, अनवद्य, मालिक, कर्पूर, सप्तसप्तति, धातुवाद, संकेतस्थान, तडिल्लेखा, नाभ्य, उच्छेदन, संनिकाश, मर्, क्षितिप, अविश्रान्त, स्वर्गमार्ग, कृत्स्न, वल्मीक, गुप्त, विवह, उपस्तम्भ्, वरतनु, विधायिन्, वैरस, ससंरम्भ, विकर्, क्षुम्प, दैवहतक, विप्रकर्ष्, गाढता, व्याख्या, साची कर्, देवक, परेतर, ह्वारय्, निध्या, सूर्यकान्त, भोग, पापकर्मन्




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit