शॄ

शॄ
शॄ /śṝ/ (P. pr. /śṛnāti/ — IX; pf. /śaśāra/; aor. /aśārīt/; pp. /śīrṇa/)
1) рвать на куски
2) бить; убивать




Случайная выборка слов

देहवन्त्, करस्, शिरोभुषण, क्रीडन, निमद, प्रव्रज्, जानुका, अप्रमत्त, समालुड्, अपरान्त, शिवताति, उत्तरपद, असंस्तुत, परिषेचन, विगाह, द्वितीयभाग, दिवादि, वञ्चनवन्त्, गणपति, तर्णक, रत्नभूत, उच्छिष्ट, लेख, उदारता, संशुष्क, उत्सव, आवृत्ति, अधोगत, ढकार, अतिभर्, दित्यवह्, सत्क्रिया, बर्स, सक्थन्, देवनदी, मेध्यत्व, वल्लि, निर्यत्न, आम्रेडित, विद्याधन, दिह्, प्रणव, बहुप्रकार, आरु, भस्मित, व्यथ्, प्सरस्, विज्ञ, भूमीरुह्, सावर्ण, तूलिक, चरितार्थ, मध्याह्न, गोलक, सार्चिस्, श्याम, रजन, शब्द, सचिव, मधुकार, सुधा, अर्ह्, बृहदुक्थ, भैषज्य, हम्भा, ण्यन्त, साम्यता, बिसवती, स्खल, नश्, पम्पा, रह्, अभिदर्शन, संध्या, सजित्वन्, वराह, शिखामणि, पत्त्र, उत्सुक, इदानीम्, संभोज्य, सद्विद्या, विजल्प्, रूपय, अघविघातकर्तर्, निऋघण्ट, रोच, जगती, क्षीरिन्, उद्यम, नारीष्ट, मर्मविद्, तिल, नीलवर्ण, केलित, परिपालन, नियन्तव्य, इषुध्यु, राज्ञी, पोत्रिन्, नगोदर, कौमार, अनंश, स्पृष्टि, क्षेपक, लोह, प्रतारक, सहवासिन्, स्तन्य, उपदेशिनी, परिप्लु, चारित्र, नोनुव, प्रविग्रह, वनिन्, संस्थान, ऊर्णम्रद, बहिष्टात्, महार्ह, अयास्य, निकष, ऊर्ध्वपुण्ड्र, टार, निष्क्रियात्मता, सर्वौषधि, स्नानशील, सप्राण, अभिभाष्, ऋतजात, जिगत्नु, वणिज्, वसुत्व, दक्षता, विमुखी कर्, पोत, सरभस, एकयोनि, हितकारक, भिन्दिपाल, सिंह-रव, मृतपुरुषदेह, तनू, गाथा, परिवेदक, जम्बुक, स्पृश्, देवगवी, अवीरा, श्रोणि, दार्श, श्वेतकाक, कुलदैवता, द्विमूर्धन्, धिन्व्, पौष्कर, सार्व, पिञ्जर, पराचीन, मौर्ख्य, पूर्व-पेय, दुरभिसंधि, स्वता, लालस, अल्पता, कलभाषिन्, पुष्पवन्त्, धातु-कोश, पीठमर्द, गर्वगिर्, दिव्यचक्षुस्, व्रयस्, प्रतिभी, आतम्, विरोधकृत्, करण्ड, स्मारण, आज्ञा, धरणीश्वर, प्रतिपूरण, ऋणिन्, रथारोह, मास्य, कालनेमि, वैरस्य, श्वेताम्बर, त्रिसंध्य, मध्यदिन, कार्य, देवकर्मन्, लोकविज्ञात, नवार्चिस्, गोरक्षक, शोधक, ग्रीष्म, परिणम्, तृषार्त, हरिनामोपनिषद्, समुद्रयान, परिचरक, निरयण, समराङ्गन, अतिलङ्घ्, गोरस, द्वित्व, होत्रक, ब्रह्मभुवन, जलरुह्




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


мастер на час минск, литовский словарь