भृगुतुङ्ग

भृगुतुङ्ग
भृगुतुङ्ग /bhṛgu-tun_ga/ m. назв. священной горы




Случайная выборка слов

रक्षितर्, दृषदोलूखल, तीर्ण, गाण्डिव, रथवाह, देवविद्, गविष्, प्रस्रव, कठिनी, पिञ्जरय, वारनारी, गूर्, वीजन, श्वभक्ष, प्रमाणाधिक, अगृह्य, कुमुद, अव्यवधान, अग्निजिह्व, दक्षिणाद्वार, योषन्, स्रंस, विजि, ओष्ठ्य, वक्र, विषुण, त्रिकृत्वस्, सुमित, जलशयन, महागिरि, अपत्य, दारुज, वसाहोम, ईश्वरता, मौण्ड्य, श्रोत्रवन्त्, देवीस्तोत्र, रथयुद्ध, कविता, भ्रामिन्, सैक, संस्पर्श्, प्रतिभू, पद्धति, हार, प्रशासितर्, त्वरा, कार, शिथिली कर्, त्रिपुट, निर्धार, प्रतिलङ्घ्, निनदित, समुदीरय्, षट्पद्, नर्मोक्ति, पौष्टिक, स्फुट्, पार्वत, सबहुमानम्, षट्कर्ण, मैरव, सौहृद, मर्ध्, अनिन्दित, लावक, अविरुद्ध, त्वया, उद्योगिन्, दक्षिणेतर, दुर्गा, हवन, यक्ष्मन्, मध्यचारिन्, विप्रलम्भिन्, महाघोष, शतार्ध, सत्योक्ति, परिवर्, सौगन्ध्य, मृगशावाक्षी, विष्टम्भ, उत्पल, मद्रिक्, कतर, दिनकार्य, करीर, वृषस्य, संयम्, दिव्, बहुश्रुत, नस्तस्, तूर्य, हंस, अभिभू, आस्वादन, धूलीमय, हुहु, अवक्षर्, भग्नता, वृषत्वन, द्वाःस्थित, जिजीविषा, जलाषभेषज, विप्रकर्ष, निर्व्यध्, वप्तर्, परिशम्, मिन्दा, प्रत्युपस्था, प्रेतेश, सूच्, संमूर्छित, स्फुटीत, अवनि, संप्रवृत्त, सच्चिदानन्द, निर्धाव्, श्रवणगोचर, वेदार्थ, श्लाघ्य, प्रधि, गङ्गा, शिवताति, प्रणिपात, धामवन्त्, उद्धरण, त्रिदशेश, ऊर्ध्वगामिन्, अनुप्रवचनीय, अक्त्वा, अ°, नीचीन, अवगुण्ठन, चतुश्चत्वारिंश, सुदत्र, वेदब्रह्मचर्य, सुफल, सरमा, आकार, सुपुत्र, अभियान, आविद्ध, शष्, वैशंपायण, त्रैपद, गवेष्, सनिश्वासम्, दग्धर्, सितरक्त, अनुप्रेषय्, वाक्यार्थ, सुदक्ष, प्रतिवाक्य, अनु°, शासनवाहक, विप्रवास, देहचर्या, गौतम, वितनु, विजल्प्, लग्न, परापू, स्रंसिन्, तर्जित, विरोचिष्णु, पात्रय, शाबल्या, पादचारिन्, प्रमुच्, संबध्य, सत्, निरुज, पोत्रीय, याचितर्, ष्ठीविन्, सं°, शैलमय, संतुल्, विषूचीन, विकर्ष, मेघराजी, नाभ°, वर्षोपल, आधुनिक, चर्त्, आज्ञान, उपेत, उपयोग, हरित, पदाति, कुट्, पुण्यजन, हैरण्य, नाकस्त्री, अलक्त, मैथिली, मकार, प्रभालेपिन्, °प्रवापिन्, संगत्ह, हरिवन्त्, विप्रलम्भ, उस्रा, कलत, कदलीगृह, आलि




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit