संवर्ग

संवर्ग
संवर्ग /saṁvarga/
1. поспешно собирающий что-л.
2. m. поспешное собирание чего-л.




Случайная выборка слов

आस्तार, बन्धुमन्त्, रथारोह, निस्तमस्क, मैत्रिन्, असमुद्यम, निरामिषाशिन्, अनाष्ट्र, विंशक, निरनुग्रह, सूक्ष्मदर्शिन्, संग्रह, सांध्य, अभिचक्ष्, प्रणिपात, अतिसरस, नम, उत्कम्पन, प्रचि, प्रस्तुति, पट्टन, आभा, आभा, अ°, सध्र्यञ्च्, वाताली, परमेश, उपेत, विकस्ति, शिखावल, शिला, निवस्, विशेषक, प्रथमा, उपे, प्रतिक्षेप, संहि, प्रभञ्जन, सराजक, सशर, गायत्री, नम्र, आभाष्, अवमानना, उपमेयोपमा, विश्लेषिन्, शिशिरदीधिति, निबन्धन, मासानुमासिक, व्योमसद्, परम, गर्भधि, विसार, नृकलेवर्, °वयस, नवजात, महाक्रोध, अपवृत्त, संन्यास, अनन्त्य, तोयधार, कालविद्या, नश्वर, विमूढत्व, धूसरित, अनुज्ञन, प्रदीधि, उपभङ्ग, अभिधा, कौरव, गृहमेधिन्, सारण, अजीति, व्रणन, प्रच्यवन, पारस्कर, गृध्र, नैष्ठुर्य, तोयवाह, सारापराध, डांकृति, रुज्, नोत्, उपावर्त्, वाणी, कारु, विलग्, रसवती, ठालिनी, देहयात्रा, प्रतिपूर्ण, भालपट्ट, साच्य, उद्वर्, वर्, , रिक्थ, प्रियसुहृद्, प्राग्र, अवचर्, लतावितान, परिमल, त्रासिन्, शोकतर, अभिविनी, अजमायु, अनुवच्, निपातन, निशापति, अनुवस्, निर्वपण, विविधायुध, कोरक, आभास, °विवर्धिन्, शरीरस्थ, बिसप्रसूनु, निर्ह्राद, ओजस्, शश्वधा, बिन्दुमन्त्, वीथी, उन्न, उपयुज्य, राजभाव, षडंह्रि, प्रत्न, निष्कर्ष, अङ्गी कर्, पद्मिनीखण्ड, पूर्वभाग, समुपज्ञा, दशमी, निःस्व, मायावती, क्षमता, अर्थ-बन्ध, व्याव्यध्, विभूषित, खट्वाङ्ग, मोहनीय, नन्तर्, क्रमयोग, शोचिस्, शरकाण्ड, बहुशस्, सकाश, शिखण्डक, निर्हस्त, संविद्, अनुकूल, छायातरु, वरुण्य, अदामन्, असिक्नी, पुटकिनी, स्फेयण्स्, नदनुमन्त्, पङ्क्ति, त्रिपुरारि, हिरण्यदा, कञ्चुकिन्, शूरण, आसक्त, अभिमन्, राजासन, व्यतिरिक्त, विशुभ्, तन्मय, विद्युत्वन्त्, अपराजित, साहाय्य, राजन्, प्रतिजन्, तार, परिशोधन, केशपाश, आयोगव, निवृत्त, निःसाल, षकार, प्रतिबन्ध, वित्ताप्ति, रन्धि, पञ्चदशर्च, डात्कृति, निरवयव, रेपस्, स्तिमित, कर्णपूर, नीली, मन्त्रि°, सलक्ष्मन्, प्रत्यङ्कम्, परिणी, ब्रह्मर्षि, ओकस्, वैद्युत, सप्तसप्तति, समानराग, अमा, चल, केत, और्व, न्याद, प्रलयान्तग, दघ्न




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


сборка мебели, литовский словарь