देवगुरु

देवगुरु
देवगुरु /deva-guru/ m. nom. pr. Наставник богов—эпитет Кашьяпы и Брихаспати; см. कश्यप, बृहस्पति




Случайная выборка слов

ऋजिषिन्, आयतेक्षण, प्रतिवेशिन्, संस्तम्भ्, प्रतिभय, सनितुर्, निगा, संध्याकार्य, क्षि, दुष्टचेतस्, लवणजलनिधि, अनुरु, सव्रीड, निरुपधि, विपणि, परपक्ष, निस्तल, अनूत्थ, देहली, अभिभाष्, आवेग, अनाग, अग्निहोत्र, जीवदायक, द्रवितर्, पञ्चम, आश्रमवासिन्, शैथिल्य, तिग्मकर, स्पर्ध्य, त्रिभुवनगुरु, ध्वान्त, अभग, रयि, प्रसिद्धत्व, मेघकाल, साह्लद, सूर्यमण्डल, गोस्तन, महीपति, वैचित्र्य, शुभ्, पूज्य, निवर्त्, उत्तानहृदय, सश्रीकता, दिवातर, प्रत्युपपन्नमति, कल्याण, शम्भु, अनुपत्, दित, विधु, तिर्यग्ग, पवमान, उपान्त, सप्तास्य, विसर्ग, चतुर्दशन्, कनिष्ठ, विष्टम्भ, चतुष्पद्, साबाध, आतपवारण, उच्छ्रयण, शङ्कुमुख, अनुक्रुश्, प्रतिवात, पूर्वापरीभाव, मौनिन्, समुल्लप्, विभाव, विराव, क्षयिता, अभिजुष्, वारेवृत, प्रत्यवरोधन, शीतता, ब्रह्मजन्मन्, अतिसरस, समभिवर्ध्, गिरि, आचार, , बाष्पकण्ठ, चिकितु, राजद्वार, गर्ह्य, राजोपसेवा, परार्ध्य, जातकर्मन्, शफ, मयोभुव, अधिकरण, पञ्चशती, जीरि, प्रकाशन, सनाथ, महासती, एकदा, चक्षण, रथ्या, प्ररूढ, संमुख, रजःशय, महीपृष्ठ, हवनी, महत्°, नाशिन्, प्रतिबोधक, वीर-पुर, मलिनी कर्, निदर्शक, भासुर, श्मश्रुण, वशा, निवर्हण, त्रिभुवनेश्वर, लोभ, उन्मिष्, पाषाण, अब्रुवन्त्, ब्रह्मक्षत्र, गर्भस्थ, मनोहर, प्रफर्वी, केवल, निकामन्, उपप्लव, अष्टासप्तति, चतुरश्र, निरवद्य, ग्रस्, विनिद्र, मसी, तन्ति, सामयाचारिक, पवित्र, वारनारी, वृक्षादन, कीदृश्, वार्, निरयण, सर्वसह, अशुभ, वाजिनीवसु, जनदेव, चन्दनपङ्क, ध्वाङ्क्ष, संमह्, अश्वखुर, महातल, यम्, वृषान्न, असु, विक्रमिन्, वेमन्, स्रव, मुग्धधी, अतिगा, रुह्, सत्यशील, शालेय, शुभ्र, अधरात्, सपीति, कुप्, उत्कल्, विजृम्भ, शश, काञ्चीस्थान, विष, देवकार्य, धूम, सुकवि, अतिदेश, क्षीण, निष्कल्मष, सरोरुह, पुरस्कर्तव्य, श्रील, उपस्तर्, अनृतपूर्वम्, सांध्य, साधारणधर्म, दाडिमपुष्प, भक्तिनम्र, भामित, ओम, दुर्विज्ञेय, हृद्यगन्धा, दिदिक्ष्, तानव, विकर्मन्, नासामूल, मृतपुरुषशरीर, प्रलपन, दम्भ्, कुंश्, धर्मोपदेश, तावत्, द्विषष्टि, हासन, दस्म्य, संवर्ग, संकल्पजन्मन्, कीर्तेन्य




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit