नैःस्नेह्य

नैःस्नेह्य
नैःस्नेह्य /naiḥsnehya/ n. нерасположенность, неприветливость




Случайная выборка слов

मद्रक, द्वैतवाद, लतापाश, अस्माकम्, उपपद्, असमस्त, अवधू, विषम, प्रतराम्, दात्यूह, धारासंपात, गदाधर, विक्रोष्टर्, भ्राजि, विश्वभेषज, पूरिका, अचिर, सूक्ष्मत्व, गज्, वितस्ति, उपगा, दिधिषु, श्वेताश्वतर, रौक्ष्य, शाक्त, सभासाह, गुरुकुलवास, दुरालक्ष्य, सावरण, उपसंहार, प्रतिहर्य्, त्रा, हस्तप्राप्त, स्थातर्, देहयात्रा, प्रतिपूर्त, प्रतिपूरण, शैशव, रूपधारिन्, विवल्ग्, ऊर्म्य, अधिक्षिप्, क्रियाप्रबन्ध, प्रगृह्य, मोहिन्, सारिक, विश्वतुर्, सजाल, लाघव, धूर्त, प्रागल्भ्य, बलवन्त्, मेद, पूर्वक, क्षाम्, पथिपा, पिण्याक, ऐलब, कमलनयन, शीतांशु, पारतल्पिक, धूममय, ऊन, वारय्, दुर्जात, छन्दस्, अहोरात्र, चेरु, दुर्जनाय, अविरत, द्वितीया, लुण्ठक, शतसनि, प्रतिपुरुष, हस्तसूत्र, भावशून्य, अभ्यर्थना, सुतप्त, तात्काल्य, क्षीज्, अक्षरविन्यास, अवभिद्, योगविभाग, प्रियभाषण, परिपर्, जलद्रव्य, भीतिमन्त्, त्रयोविंशति, श्वसन, परीत्त, वया, असि, विज्ञान, देवाङ्गना, पातर्, उत्स, प्रथम, शेषा, अद्, कुम्भिल, अवच्छेद, अवग्रभ्, देववीति, मोदिन्, सुगीत, षाडव, शुद्धवेष, पङ्किल, समाभा, ह्मल्, व्रीहिन्, होम-वेला, अभ्यवहार्य, दिवारात्रम्, अष्टादश, शतकोटि, अनूप, शितिकण्ठक, संसद्, अन्तःपुर, शिक्षु, तप, संज्ञान, आस्फोट, प्रतिकर्, प्रधि, कल्पक, अपटु, समुच्चयार्थ, दुर्गाचार्य, संयुग, अधीक्ष्, अञ्जना, हैमवतिक, मुद्रा, भाजयु, नवसू, धरा, चव्य, व्रश्च्, प्रदर्, उद्घात, देवत्त, परिशोषण, वेहत्, नैकशस्, फुल्ल्, स्थेमन्, वीरासन, गोशाला, शशिलेखा, भन्दना, स्थितिमन्त्, प्रदुष्, स्थातव्य, सीस, शाकुन्तल, प्रतिश्रु, वीरशया, षोडशम, तार, मुखपङ्कज, निर्मनुज, चन्दनमय, भक्ष्य, उच्छ्रयण, अनुपयुक्त, प्रवासिन्, ग्रह, व्रिश्, काञ्चनप्रभ, परिहारलेख, रुद्, वातिक, पूर्वाचार्य, चिताधूम, अतिनिर्बन्धतस्, नवन्, दुष्टान्तरात्मन्, स्मील्, विरोधकृत्, उत्पश्, संध्यावन्दन, महाराष्ट्र, निर्यूह, सार्ध, मच्, परीणाम, रेजन, आदिमूल, औद्धत्य, अनृत, सर्वार्थ, अभिमथ्, इरावत्, बाह्वृच्य, बृहत्सुम्न, मन्दभाग्य, मध्यम, पारिजात, संरोपण, स्तोत्रिय, आपर्च्, शामूल, प्रणयिता, अमित्रबल, गर्भवती




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


мастер на час минск, литовский словарь